ब्रह्मांडीय दुनिया में लगभग हर एक वस्तु गतिशील है और सूर्य भी घूम रहा है। इसको लेकर 1612 में गैलीलियो ने एक थ्योरी दी। दरअसल, गैलीलियो ने सूर्य पर सनस्पॉट को देखा और पाया कि वह समय के साथ सूर्य की सतह पर आगे बढ़ते हैं। जिसके बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि सूर्य भी घूमता है।
गैलीलियो के मुताबिक, सूर्य हर 28 दिनों में एक बार घूमता है, लेकिन यह जवाब पूरी तरह से सटीक हो, यह जरूरी नहीं है। साथ ही गैलीलियो द्वारा बताई गई संख्या सूर्य की घूर्णन गति की पूरी दास्तां बयां नहीं करती है।
लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूर्य की घूर्णन गति हमेशा एक जैसी नहीं होती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सूर्य ठोस नहीं, बल्कि गैस से बना है। इसलिए उसके विभिन्न हिस्से अलग-अलग गति से घूमते हैं। इसी वजह से सूर्य का एक निश्चित घूर्णन समय नहीं है।
गैलीलियो के बाद 1800 के दशक में खगोलविद रिचर्ड कैरिंगटन ने टेलीस्कोप की मदद से अध्ययन किया और पाया कि सूर्य के कुछ हिस्सों में घूर्णन का समय लगभग 27.3 दिन है, लेकिन यह माप पृथ्वी की गति से प्रभावित था। ऐसे में इसे पूरी तरह से सटीक नहीं माना गया।
जब सूर्य की गति को तारों के संदर्भ में मापा गया, तो पता चला कि लगभग 25.4 दिन में सूर्य एक चक्कर लगाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने पाया कि सूर्य के अलग हिस्से अलग गति से घूमते हैं। भूमध्य रेखा (Equator) वाले हिस्से के घूर्णन का समय लगभग 24.5 दिन, जबकि ध्रुव (Poles) वाले हिस्सों को 34 दिन या उससे ज्यादा का समय लगता है।
विज्ञानियों भी अभी तक पूरी तरह से यह पता नहीं लगा पाए हैं कि सूर्य का कोर (केंद्र) आखिर कितनी तेजी से घूमता है। शोधकर्ताओं के पास सटीक माप उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अभी और शोध हो रहे हैं।
सूर्य का हर हिस्सा अलग-अलग गति से घूमता है। इसे डिफरेंशियल रोटेशन कहा जाता है। भूमध्य रेखा और ध्रुव वाले हिस्सों के बारे में तो आपको पता है, लेकिन क्या रेडिएटिव ज़ोन (अंदर का हिस्सा) में घूर्णन के समय को जानते हैं। बता दें कि रेडिएटिव ज़ोन में घूर्णन में लगभग 26.6 दिन का समय लगता है।
आंकड़ों का अध्ययन करने पर वैज्ञानिकों ने यह पाया कि सूर्य भूमध्य रेखा पर सबसे तेज गति से घूमता है, जबकि ध्रुवों पर सबसे धीमी गति से घूमता हुआ देखा गया है।