समुद्र में स्प्लैशडाउन के बाद देखिए आर्टेमिस- 2 की पहली फोटो, स्पेस सूट में निकले अंतरिक्षयात्री

Artemis 2 First Image: आर्टेमिस 2 प्रशांत महासागर में स्पैलशडाउन कर गया है। नासा के वैज्ञानिक और अमेरिकी नौसेना की रिकवरी टीम अंतरिक्ष यात्रियों तक पहुंच गई है। अंतरिक्ष यात्री एक-एक करके बाहर निकल रहे हैं। देखिए धरती पर लैंड करने के बाद आर्टेमिस के अंतरिक्षयात्रियों की पहली तस्वीर।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Apr 11 2026, 08:32 IST
आर्टेमिस-2 के स्पैलशडाउन के बाद पहली फोटा में क्या?Image Credit : NASA01 / 07

आर्टेमिस-2 के स्पैलशडाउन के बाद पहली फोटा में क्या?

आर्टेमिस-2 के स्प्लैशडाउन के बाद पहली फोटो में अंतरिक्ष यात्री अमेरिकी नौसेना के एक जहाज पर दिख रहे हैं, जहां उन्हें हेलीकॉप्टर से लाया गया है। इसके बाद वे नारंगी रंग के स्पेस सूट में दिखाई दे रहे हैं, जहां नेवी के जवान उन्हें घेरे हुए हैं।

आर्टेमिस-2 के सभी यात्री सुरक्षित और स्वस्थImage Credit : NASA02 / 07

आर्टेमिस-2 के सभी यात्री सुरक्षित और स्वस्थ

आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री बिल्कुल स्वस्थ दिख रहा है। वो आसानी से चल ले रहे हैं। नासा के अनुसार सभी अंतरिक्ष यात्री स्वस्थ हैं और मिशन सफल रहा है।

अंतरिक्ष से सबसे तेज गति से लौटने वाले इंसानImage Credit : NASA03 / 07

अंतरिक्ष से सबसे तेज गति से लौटने वाले इंसान

आर्टेमिस-2 के अंतरिक्षयात्री सबसे तेज गति से धरती पर आने वाले इंसान भी बन गए हैं। आर्टेमिस-2 ने अपोलो 13 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। साल 1970 में अपोलो 13 मिशन में 4,00,171 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी, जिसे आर्टेमिस-2 मिशन के तहत पार कर लिया गया है।

1 अप्रैल को चांद की ओर आर्टेमिस-2 ने बढ़ाया था कदमImage Credit : NASA04 / 07

1 अप्रैल को चांद की ओर आर्टेमिस-2 ने बढ़ाया था कदम

अमेरिका से चार अंतरिक्ष यात्री 1 अप्रैल 2026 को चांद की ओर रवाना हुए थे, जो 50 साल से अधिक समय बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है। यह मिशन दो साल में चांद पर उतरने की अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ’नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) की कोशिश की शुरुआत है।

आर्टेमिस-2 में कितने अंतरिक्षयात्री?Image Credit : NASA05 / 07

आर्टेमिस-2 में कितने अंतरिक्षयात्री?

अमेरिका के तीन और कनाडा के एक अंतरिक्ष यात्री को लेकर 32 मंजिला रॉकेट नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से चांद की यात्रा पर गया था। आर्टेमिस 2 के कमांडर रीड वाइजमैन ने ’’चलो चांद पर चलते हैं!’’ के घोष के साथ अंतरिक्ष की ओर इस अभियान की अगुवाई की और उनके साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन थे।

चांद पर बिना लैंडिंग आर्टेमिस-2 ने बनाए कई रिकॉर्डImage Credit : NASA06 / 07

चांद पर बिना लैंडिंग आर्टेमिस-2 ने बनाए कई रिकॉर्ड

आर्टेमिस के अंतरिक्ष यात्री अपनी 10 दिवसीय परीक्षण उड़ान के पहले 25 घंटे पृथ्वी के करीब ही रहे, जहां पृथ्वी के चारों ओर कक्षा में कैप्सूल की जांच की और फिर मुख्य इंजन को चालू करके, चंद्रमा तक गए। वे न तो चंद्रमा पर रुके और न ही उसकी परिक्रमा की, जैसा कि अपोलो 8 के पहले चंद्रयात्रियों ने 1968 की क्रिसमस की पूर्व संध्या पर किया था। उनका कैप्सूल चंद्रमा के पास से गुजरा और उससे 6,400 किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद यू-टर्न लेकर सीधे प्रशांत महासागर में उतरा। इसी के साथ वे सबसे दूर तक जाने वाले इंसान बन गए।

आर्टेमिस-1 से कितना अलग है आर्टेमिस-2Image Credit : NASA07 / 07

आर्टेमिस-1 से कितना अलग है आर्टेमिस-2

आर्टेमिस 1 के प्रक्षेपण के बाद से तीन साल से अधिक समय बीत चुका है। उस समय आर्टेमिस 1 कैप्सूल में कोई भी मनुष्य सवार नहीं था। उसमें जीवन रक्षक उपकरण और पानी की व्यवस्था करने वाला यंत्र एवं शौचालय जैसी अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। ये प्रणालियां आर्टेमिस 2 के जरिए अंतरिक्ष में पहली बार इस्तेमाल हो रही हैं, जिससे जोखिम बढ़ गया है।

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