विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के 25 घटक दलों नेताओं की बैठक राहुल गांधी के आवास पर हुई, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कर्नाटक के बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में कथित धांधली को लेकर प्रस्तुति दी।
विपक्षी खेमे के शीर्ष नेताओं की आमने-सामने की मौजूदगी वाली बैठक एक साल बाद हुई। उनकी ऐसी आखिरी बैठक जून, 2024 में लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई थी।
रात्रिभोज पर आयोजित हुई बैठक के दौरान राहुल गांधी ने "निर्वाचन आयोग के माध्यम से भाजपा द्वारा कथित रूप से चलाए जा रहे वोट चोरी मॉडल" पर एक प्रस्तुति भी दी। कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी ने इस पूरे खेल को समझाया कि कैसे भाजपा और निर्वाचन आयोग चुनावों में "धांधली" कर रहे थे।
राहुल गांधी के आवास '5 सुनहरी बाग रोड' पर रात्रिभोज बैठक में 25 दलों के कई नेता मौजूद थे। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, राकांपा (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित इत्यादि मौजूद रहे।
राहुल गांधी की डिनर डिप्लोमेसी में राज्यसभा सदस्य कमल हासन शामिल हुए। उनके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी रात्रिभोज में मौजूद थे। इसके अलावा, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश (कांग्रेस), महुआ माजी (झामुमो), एनके प्रेमचंद्रन (आरएसपी), डिंपल यादव, रामगोपाल यादव (सपा) भी रात्रिभोज में मौजूद थे। फॉरवर्ड ब्लॉक, वीसीके, केरल कांग्रेस (एम), आईयूएमएल, के कांग्रेस (जे) के नेता भी मौजूद थे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे का मुद्दा उठाया और राज्य में कुछ किताबों पर लगाए गए प्रतिबंध का भी विरोध किया।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बैठक को "सकारात्मक" बताया और कहा कि एसआईआर मुद्दा और राहुल गांधी द्वारा किए गए खुलासे मुख्य मुद्दा रहे। उन्होंने कहा कि यह कोई "औपचारिक" बैठक नहीं थी और नेताओं के बीच अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।