फर्स्ट एसी कंपार्टमेंट का डिजाइन बिल्कुल एयरलाइन जैसा लग्जरी फील देता है। नॉइज-फ्री इंटीरियर, सेंसर लाइटिंग और हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट, ऊपर की बर्थ पर जाने के लिए स्टाइलिश स्टेयर्स जैसी सुविधाएं ट्रेन को वाकई खास बनाती हैं। अब इंतजार है तो बस इसके पटरी पर दौड़ने का।
Kinet Railway Solutions ने भविष्य की हाई-स्पीड लग्जरी ट्रेन का डिजाइन पेश किया जिसमें सफर और भी आरामदायक, शांत और स्टाइलिश होगा। भारतीय रेल के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली झलक देखने को मिल गई है। Kinet Railway Solutions ने इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्जिबिशन (IREE 2025) में पहली बार फर्स्ट एसी स्लीपर कंपार्टमेंट के डिजाइन कॉन्सेप्ट को सार्वजनिक किया है।
KINET के प्रोजेक्ट डायरेक्टर निशुंक गर्ग और ट्रेन प्रोजेक्ट के चीफ डिज़ाइनर एवगेनी मस्लोव ने बताया कि यह ट्रेन भारतीय यात्रियों को आराम, तकनीक और लग्जरी का बेहतरीन अनुभव देगी। KINET एक भारतीय कंपनी है जो रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूस की अग्रणी रेल कंपनियों के संयुक्त उपक्रम के रूप में काम कर रही है। कंपनी को 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों यानी 1,920 कोचों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है।
भारत की पहली हाई-स्पीड लग्जरी स्लीपर ट्रेन और नॉइज-फ्री इंटीरियर और बेहतरीन राइड क्वालिटी। इसमें ऑटोमेटिक डोर और सेंसर बेस्ड लाइटिंग सिस्टम और हर बर्थ पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और रीडिंग लाइट होगी।
पहले से बेहतर और शांत एसी सिस्टम, समान ठंडक के साथ 160–180 किमी/घंटे की रफ्तार से सफर, समय की बचत और आराम दोनों ही इसमें मिलेंगे।
KINET का कहना है कि यह ट्रेन भारतीय रेलवे को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। आधुनिक तकनीक और शानदार डिजाइन के साथ यह ट्रेन न सिर्फ सफर को आरामदायक बनाएगी, बल्कि भारतीय रेल की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया पहचान दिलाएगी।
लातूर (महाराष्ट्र) में कंपनी का अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट इस परियोजना का मुख्य केंद्र है। वहीं, हैदराबाद में इंजीनियरिंग सेंटर और जोधपुर में बन रहा मेंटेनेंस डिपो ट्रेन संचालन को मजबूत आधार देंगे। आने वाले समय में दिल्ली और बेंगलुरु में भी नई सुविधाएं शुरू होंगी।