6 लेन का यह एक्सप्रेसवे कुल 465 किमी लंबा होगा और यह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को पूर्वी समुद्र तट पर मौजूद विशाखापट्टनम से जोड़ेगा।
यह एक्सप्रेसवे कुल 713 किमी लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे सेंट्रल इंडिया और साउथ इंडिया को आपस में जोड़ेगा। इंदौर से समुद्र तट तक की एक्सेस देगा यह एक्सप्रेसवे।
चार लेने का यह एक्सप्रेसवे कुल 109 किमी लंबा है। यह एक्सप्रेसवे धोलेरा स्पेशल इंवेस्टमेंट रीजन तक पहुंच आसान बनाएगा और वहां पर औद्योगिकरण व आर्थिक विकास को रफ्तार देगा।
गया और दरभंगा को जोड़ने वाला यह 230 किमी लंबा एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से बिहार में आंतरिक कनेक्टिविटी बेहतर होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर व दक्षिण बिहार करीब आएंगे।
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ 62 किमी लंबा है, लेकिन लखनऊ और कानपुर को करीब लाने के लिए बहुत ही अहम माना जा रहा है। यह दोनों शहरों के बीच रोज आने-जाने वाले लोगों का काफी समय बचाएगा।
इस 701 किमी लंबे 6 लेन एक्सप्रेसवे का नाम समृद्धि महामार्ग रखा गया है। यह एक्सप्रेसवे मुंबई और नागपुर के बीच सफर में लगने वाले समय को 15 घंटे से कम करके 8 घंटे का कर देगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश को नॉर्थ ईस्ट में सिलीगुड़ी से जोड़ने वाला यह 520 किमी लंबा एक्सप्रेसवे कुल 6 लेन का बनाया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होने के साथ ट्रांस्पोर्टेशन भी बढ़ेगा।
4 लेन का यह एक्सप्रेसवे करीब 260 किमी लंबा है, जिसे भविष्य में 8 लेन का भी किया जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से बेंगलुरू और चेन्नई के बीच का सफर मात्र 2-3 घंटे में पूरा हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश में बन रहा 594 किमी लंबा 6 लेन का यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश आपस में जुड़ जाएंगे।
650 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में इसे 8 लेन का किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे देश की राजधानी दिल्ली को अमृतसर में गोल्डन टेंपल और कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर से जोड़ेगा।