अंशुला कपूर की शादी के प्री वेडिंग फंक्शन के लिए जान्हवी ने सिंपल और एलीगेंट बनारसी साड़ी पहनी थी। इस साड़ी पर कड़ियाल बुनाई तकनीक से बॉर्डर बनाई गई थी। देखें आखिर ये होता क्या है।
कड़ियाल तकनीक में साड़ी की बॉडी और बॉर्डर को अलग-अलग रंग के धागों से बुना जाता है। यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।
इस तकनीक में बुनकर एक ही लूम पर दो रंगों और डिजाइनों को जोड़ता है, जिससे बॉर्डर और मुख्य साड़ी का कंट्रास्ट बेहद आकर्षक दिखता है।
कड़ियाल वीविंग सामान्य बुनाई की तुलना में अधिक समय और स्किल्स मांगती है। इसे तैयार करने में महीनों लग सकते हैं। इसलिए ये साधारण बनारसी साड़ी से अलग होती है।
कड़ियाल साड़ियों के बॉर्डर सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बल्कि मजबूत भी होते हैं, क्योंकि उन्हें अलग तकनीक से जोड़ा जाता है।
यह तकनीक सदियों पुरानी भारतीय बुनाई कला का हिस्सा मानी जाती है। इसलिए कड़ियाल साड़ी पहनने पर शाही और क्लासिक लुक मिलता है।
जान्हवी कपूर की साड़ी में भी गुलाबी बॉडी के साथ गहरे लाल रंग का बॉर्डर नजर आया, जो कड़ियाल तकनीक की खूबसूरती को दर्शाता है।