मकर संक्रांति, पोंगल और बिहू तीनों ही पर्व भारत के अलग अलग हिस्सों में जोरों शोरों के साथ मनाए जाते हैं। इन त्योहारों पर आप भी अपने अपनों खास फोटो विश भेजकर बधाई दे सकते हैं। तिल-गुड़ की मिठास, पोंगल की खुशहाली,बिहू की अग्नि में जले हर चिंता काली।सूरज उत्तरायण, जीवन हो उजास,तीनों पर्व लाएँ सुख-समृद्धि का विश्वास
मकर संक्रांति का संदेश, नई दिशा की आस, पोंगल में प्रकृति को, बिहू में श्रम को प्रणाम खास। मेहनत रंग लाए, खुशियाँ हों अपार, आपके जीवन में सदा बना रहे उत्सव का संसार
खेतों की हरियाली, गुड़ की मिठास, पोंगल, बिहू, संक्रांति लाएँ खुशियों की सौगात खास। हर दिन हो रोशन, हर पल हो प्रसन्न, इन पावन पर्वों पर हो जीवन धन्य
तिल में मिठास घुली, सूर्य का उजला मान, पोंगल की पवित्रता, बिहू का श्रम सम्मान। तीनों पर्व सिखाएँ जीवन का सार, सादगी, मेहनत और प्रेम अपार
उत्तरायण सूर्य कहे—आगे बढ़ो निरंतर, बिहू कहे—मेहनत से बनता है सब सुंदर। पोंगल सिखाए—प्रकृति का हो सम्मान, तीनों पर्व करें जीवन को महान
मकर संक्रांति लाए नई शुरुआत, पोंगल में उगे सपनों की फसल खास। बिहू की आग में जलें दुख अपार, आपके जीवन में बसें खुशियाँ हजार
किसान की मुस्कान, खेतों का त्योहार, पोंगल, बिहू, संक्रांति—तीन रंग, एक प्यार। मेहनत का फल मिले, जीवन में उजास, इन पर्वों से सजे हर दिन आपके खास