Settled Loan को कैसे करें क्‍लोज? ये नहीं समझा तो 7 साल तक नहीं ले पाएंगे नया कर्ज!

अगर आपने कोई लोन लिया है, तो उसे समय पर EMI देकर चुकाना जरूरी होता है। आमतौर पर EMI कई साल तक चलती है, लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब इसे चुकाना मुश्किल हो जाता है जैसे नौकरी खो जाना, अचानक मेडिकल इमरजेंसी आना या आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाना। अगर कोई व्यक्ति लगातार तीन महीनों तक EMI नहीं भरता है, तो बैंक उसे “डिफॉल्टर” मान लेता है और उस लोन को NPA यानी Non-Performing Asset की श्रेणी में डाल देता है। लेकिन अगर लोन बंद हो गया है तो उसे सेटल कैसे?

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Dec 8 2025, 13:39 IST
कौन होता है डिफाल्टर?Image Credit : Canva01 / 08

कौन होता है डिफाल्टर?

अगर आपने कोई लोन लिया है, तो उसे समय पर EMI देकर चुकाना जरूरी होता है। आमतौर पर EMI कई साल तक चलती है, लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब इसे चुकाना मुश्किल हो जाता है जैसे नौकरी खो जाना, अचानक मेडिकल इमरजेंसी आना या आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाना। अगर कोई व्यक्ति लगातार तीन महीनों तक EMI नहीं भरता है, तो बैंक उसे “डिफॉल्टर” मान लेता है और उस लोन को NPA यानी Non-Performing Asset की श्रेणी में डाल देता है। लेकिन अगर लोन बंद हो गया है तो उसे सेटल कैसे?

सेटेलमेंट के बाद लोन बंद करना जरुरी?Image Credit : Canva02 / 08

सेटेलमेंट के बाद लोन बंद करना जरुरी?

कुछ लोगों को यह एक अच्छा तरीका लगता है क्योंकि उन्हें बीच का रास्ता मिल जाता है और बड़ी रकम या पेनल्टी माफ हो जाती है। पर सवाल यह है कि क्या यह फैसला सही होता है? क्या लोन सेटलमेंट होने के बाद आपका कर्ज पूरी तरह बंद माना जाता है?

क्या होता है OTS?Image Credit : Canva03 / 08

क्या होता है OTS?

लेकिन अगर बैंक को लगता है कि उधारकर्ता के पास अब लोन चुकाने की क्षमता नहीं है और रिकवरी की संभावना बहुत कम है, तो कई मामलों में बैंक One Time Settlement (OTS) यानी लोन सेटलमेंट का विकल्प देता है। इस विकल्प में उधारकर्ता और बैंक के बीच एक समझौता होता है कि पूरा बकाया भुगतान करने के बजाय कम राशि लेकर मामला खत्म किया जाए।

​लोन सेटलमेंट क्या होता है? Image Credit : Canva04 / 08

​लोन सेटलमेंट क्या होता है?

लोन सेटलमेंट एक ऐसा समझौता है जिसमें बैंक उधारकर्ता से पूरी देनदारी लेने के बजाय कम राशि स्वीकार करने के लिए तैयार होता है। आमतौर पर उधारकर्ता को प्रिंसिपल अमाउंट तो ज्यादातर देना पड़ता है, लेकिन ब्याज, पेनल्टी, लेट फीस और अन्य चार्ज में आंशिक या कभी-कभी पूरी छूट मिल सकती है। कुछ मामलों में बैंक प्रिंसिपल का भी हिस्सा माफ कर देते हैं, लेकिन ऐसा तभी होता है जब बैंक को लगता है कि उधारकर्ता के पास पैसे चुकाने का कोई साधन नहीं बचा है।

​क्या लोन सेटलमेंट मतलब कर्ज से पूरी तरह मुक्ति?​Image Credit : Canva05 / 08

​क्या लोन सेटलमेंट मतलब कर्ज से पूरी तरह मुक्ति?​

बहुत से लोग यह बड़ी गलती करते हैं कि लोन सेटलमेंट को लोन क्लोजर समझ लेते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि सेटलमेंट को लोन क्लोजर नहीं माना जाता। सेटलमेंट होने से केवल रिकवरी एजेंसियों का दबाव कम हो जाता है और बैंक मामला आगे नहीं बढ़ाता। लेकिन लोन क्लोजर तभी माना जाता है जब सारी EMI, ब्याज और बाकी चार्ज पूरा चुकाया गया हो। यानी सेटलमेंट सिर्फ एक समझौता है, जबकि क्लोजर पूरी तरह भुगतान के बाद होता है।

​लोन सेटलमेंट का बड़ा नुकसान​Image Credit : Canva06 / 08

​लोन सेटलमेंट का बड़ा नुकसान​

लोन सेटलमेंट का सबसे बड़ा असर आपके क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) पर पड़ता है। जब बैंक आपकी रिपोर्ट में “Settled” लिख देता है, तो यह आपके भविष्य के लिए बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। इसका असर इस तरह होता है. आपका CIBIL Score 50–100 पॉइंट या उससे भी ज्यादा गिर जाता है. आपकी रिपोर्ट में “Settled” का टैग 7 साल तक रहता है. नया लोन लेना लगभग नामुमकिन हो जाता है. क्रेडिट कार्ड नहीं मिलता। कई बैंक आपको ब्लैकलिस्ट तक कर देते हैं.

Settlement के बाद Loan Closure कैसे करें?​Image Credit : Canva07 / 08

Settlement के बाद Loan Closure कैसे करें?​

अगर कभी मजबूरी में आपको लोन सेटलमेंट का विकल्प चुनना पड़ा हो, तो बाद में अपने क्रेडिट रिकॉर्ड को सुधारना बिल्कुल संभव है। इसके लिए सबसे पहले, जैसे ही आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर हो जाए, बैंक से दोबारा संपर्क करना जरूरी है। बैंक को बताएं कि आप वह राशि चुकाने के लिए तैयार हैं, जिसे सेटलमेंट के समय माफ कर दिया गया था।

जरूर लें ये डॉक्यूमेंट Image Credit : Canva08 / 08

जरूर लें ये डॉक्यूमेंट

बैंक आपके सामने बची हुई पेनल्टी, ब्याज या अन्य चार्ज की पूरी जानकारी रखेगा और आपको वह पूरी राशि चुकानी होगी। जैसे ही आप यह भुगतान कर दें, तुरंत बैंक से “No Dues Certificate” अवश्य लें, क्योंकि यही दस्तावेज साबित करता है कि आपका लोन अब पूरी तरह क्लोज हो चुका है। इसके बाद बैंक आपकी अद्यतन जानकारी CIBIL और अन्य क्रेडिट ब्यूरो को भेजता है। कुछ समय बाद आपकी क्रेडिट रिपोर्ट अपडेट होती है, जिसमें “Settled” की जगह “Closed” दिखने लगता है। ऐसा होते ही आपका CIBIL स्कोर धीरे-धीरे सुधरने लगता है और भविष्य में लोन या क्रेडिट से जुड़े अवसर फिर से खुलने लगते हैं।

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