असल में, पृथ्वी गोल है, इसलिए तकनीकी तौर पर इसका कोई “अंतिम किनारा” नहीं है। फिर भी, दुनिया में एक ऐसी जगह है जिसे लोग प्रतीकात्मक रूप से “धरती का आखिरी छोर” मानते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह जगह भारत से बहुत दूर नहीं है।
यूरोप के खूबसूरत देश नॉर्वे में एक सड़क है, जिसका नाम है E-69 हाईवे। इसे “दुनिया की आखिरी सड़क” कहा जाता है। यह सड़क आपको ले जाती है नॉर्थ केप तक, जो यूरोप का सबसे उत्तरी छोर है।
भारत से लगभग 6,900 किलोमीटर दूर स्थित इस जगह तक आप करीब 12 घंटे की फ्लाइट में पहुंच सकते हैं। वहां से E-69 हाईवे का सफर शुरू होता है, जो लगभग 14 किलोमीटर लंबा है, लेकिन यह छोटा सा रास्ता जिंदगी भर याद रहने वाला अनुभव बन जाता है।
E-69 हाईवे का अंत बेहद खास है। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, सड़क धीरे-धीरे खत्म होती नजर आती है और सामने बर्फ से ढके ग्लेशियर और विशाल समुद्र दिखाई देते हैं। ऐसा लगता है जैसे धरती यहीं आकर थम गई हो।
यहां का मौसम भी उतना ही अनोखा है। गर्मियों में भी तापमान लगभग 0°C के आसपास रहता है, जबकि सर्दियों में यह -45°C तक गिर सकता है। उत्तरी ध्रुव के करीब होने के कारण यहां एक और अनोखा नजारा देखने को मिलता है, गर्मियों में लगातार छह महीने दिन और सर्दियों में छह महीने रात!
जब आप नॉर्थ केप पर खड़े होते हैं, तो चारों ओर फैले ग्लेशियर, ठंडी हवाएं और अंतहीन समुद्र आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास कराते हैं। ऐसा लगता है जैसे आप सचमुच धरती के किनारे खड़े हों। यही वजह है कि दुनियाभर के एडवेंचर लवर्स, फोटोग्राफर्स और प्रकृति प्रेमी यहां खिंचे चले आते हैं।
आज भले ही यहां पहुंचना आसान हो गया हो, लेकिन पहले यह इलाका बेहद दुर्गम था। 1930 के बाद यहां विकास शुरू हुआ, जिसके चलते अब यह जगह दुनिया के नक्शे पर एक अनोखी पर्यटन डेस्टिनेशन बन चुकी है।