भारत में पहला मुगल शासक बाबर था, जिसने भारत के तत्कालीन शासक इब्राहिम लोधी को 1526 में हराकर खुद तख्त पर बैठ गया, और आखिरी शासक रहे बादशाह शाह जफर द्वितीय (Bahadur Shah Zafar 2)
वैसे तो अंग्रेज व्यापार करने के नाम पर भारत आए थे, तब जहांगीर का शासक काल चल रहा था, लेकिन कब उन्होंने अपनी सेना का विस्तार किया, अपने देश से हथियार मंगवाए कोई नहीं जान सका।
यह वह दौर था जब भारत की जमी पर रस्सा कस्सी हो रही थी, एक तरफ अंग्रेज थे तो एक तरफ मुगल, जिसकी ताकत ज्यादा उसकी जीत पक्की थी। चूंकि अंग्रेजों के पास आधुनिक हथियार थे ऐसे में पलड़ा भी उन्हीं का भारी था।
देखते देखते 1857 आ गया, इस साल भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने क्रांति को चरम पर ला दिया, जिससे अंग्रेज परेशान होने लगे, इस क्रांति में बादशाह शाह जफर द्वितीय ने भी भारतीयों का साथ दिया, जिससे अंग्रेज भड़क उठे।
अंग्रेजों ने Bahadur Shah Zafar को 1857 क्रांति का दोषी ठहराया, एक-एक करके उसके खानदान के लड़कों का कत्ल किया। इतिहासकार William Dalrymple अपनी किताब ‘द लास्ट मुगल’ (The Last Mughal) में लिखते हैं कि बहादुर शाह जफर को दोषी ठहराने के बाद खानदान के 29 लोगों को मारा।
रही बात भारत के अंतिम मुगल शासक की, उन्हें बर्मा (आज का म्यामांर) की जेल में सड़ने के लिए डाल दिया। Bahadur Shah Zafar 2 अपनी मौत तक जेल में रहे। ऐसे खत्म हुए मुगल शासन