हिमाचल प्रदेश में स्थित कौमिक एशिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल गांव हैं। यह लाहौल-स्पीति घाटी में स्थित है और न केवल भारत और एशिया का बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचा गांव माना जाता है, जहां पक्की सड़क बनी हुई है। समुद्र तल से इस गांव की ऊंचाई लगभग 15,050 फीट (4,587 मीटर) है।
स्पीति घाटी का ही एक और खूबसूरत गांव किब्बर (Kibber) अपनी अनोखी तिब्बती वास्तुकला और सफेद रंग के मिट्टी के घरों के लिए प्रसिद्ध है। यह भी भारत के सबसे ऊंचे स्थित गांवों की लिस्ट में शामिल है। समुद्र तल से लगभग 14,200 फीट (4,328 मीटर) है।
हिमाचल प्रदेश में स्थित कौमिक और किब्बर के रास्ते पर स्थित लंग्ज़ा (Langza) गांव भी देश से सबसे ऊंचाई पर स्थित गांवों में से एक है। इसके प्राचीन इतिहास के कारण 'फॉसिल विलेज' (जीवाश्म गांव) भी कहा जाता है। लंग्ज़ा गांव की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 14,500 फीट (4,420 मीटर) है।
हिमाचल प्रदेश में स्थित हिक्किम न केवल अपनी ऊंचाई के लिए बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचे डाकघर के तौर पर जाना जाता है। यह गांव समुद्र तल से लगभग 14,400 फीट (4,389 मीटर) है।
हिमाचल प्रदेश में स्थित नाको गांव भी देश में सबसे ऊंचाई पर स्थित गावों की लिस्ट में शामिल है। यह गांव अपनी प्राकृतिक बनावट और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से इस गांव की ऊंचाई 12,014 फीट (3,662 मीटर) है।
लद्दाख में स्थित लामायुरु देश का वो गांव है जो धरती पर चांद जैसा नजारा देता है। यही कारण है कि इस गांव को चांद की धरती या मूनलैंड के नाम से जाना जाता है। इस गांव की समुद्र तल से ऊंचाई 11,500 फीट (3505 मीटर) है।
भारत-चीन सीमा का आखिरी छोर पर के पिथौरागढ़ जिले के व्यास घाटी में स्थित कुटी (Kuti) देश के सबसे ऊंचे क्षेत्रों वाले गांव में आते हैं। समुद्र तल से लगभग 12,300 फीट (3,750 मीटर)।