El Nino शब्द का क्या होता है मतलब, धुरंधर ही दे सकते हैं जवाब

What is the meaning of El Nino: भारत में भीषण गर्मी अपना कहर बरपा रही है। अभी मई का महीना शुरू भी नहीं हुआ है और गर्मी का सितम देखने को मिल रहा है। इन दिनों आपने एक शब्द जरूर सुना होगा एल नीनो (El Nino Effect in India) . क्या आप जानते हैं कि ये क्या होता है और एल नीनो शब्द का असल में मतलब क्या है, कैसे ये मौसम को प्रभावित करता है और भीषण गर्मी के पीछे इसका हाथ कैसे है, चलिये समझने की कोशिश करते हैं।

Authored by: कुसुम भट्टUpdated Apr 26 2026, 12:51 IST
अप्रैल में भीषण गर्मीImage Credit : IStock01 / 06

अप्रैल में भीषण गर्मी

देश में अप्रैल का महीना तेजी से सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। ऐसे मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले महीनों में रिकॉर्ड टूट सकते हैं। इसकी एक बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है, जिसकी वापसी के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में एक मजबूत अल नीनो विकसित हो सकता है जो गर्मी को और भीषण कर सकता है।

क्या है El Nino का मतलब ?Image Credit : IStock02 / 06

क्या है El Nino का मतलब ?

अल नीनो शब्द स्पेनिश भाषा से आया है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक यीशु'। इस घटना का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि ये अक्सर दिसंबर के आसपास शुरू होती है, जो क्रिसमस के समय होता है। सबसे पहले इसे दक्षिण अमेरिका के मछुआरों ने नोटिस किया था, जब समुद्र का पानी अचानक गर्म हो जाता था और मछलियों की संख्या कम हो जाती थी।

मानसून और गर्मी दोनों पर पड़ता है असरImage Credit : IStock03 / 06

मानसून और गर्मी दोनों पर पड़ता है असर

भारत में इसका सीधा असर गर्मी और मानसून दोनों पर पड़ता है। अल नीनो के दौरान आमतौर पर प्री-मानसून यानी अप्रैल-जून की गर्मी ज्यादा तेज होती है और लू के दिन बढ़ जाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे वर्षों में हीटवेव ज्यादा लंबी और तीव्र होती है।

रिकॉर्ड गर्म होगा अगला साल ? Image Credit : IStock04 / 06

रिकॉर्ड गर्म होगा अगला साल ?

वैश्विक स्तर पर भी इसके असर चिंताजनक हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर 'सुपर अल नीनो' बनता है तो ये दुनिया के तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा सकता है। पिछले सालों में भी ऐसी घटनाओं ने ग्लोबल वार्मिंग को और तेज किया है और आने वाले समय में 2027 जैसे साल रिकॉर्ड गर्म हो सकते हैं।

ये सामान्य मौसम बदलाव नहींImage Credit : IStock05 / 06

ये सामान्य मौसम बदलाव नहीं

इस बार जो गर्मी महसूस हो रही है वो सिर्फ सामान्य मौसम बदलाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े जलवायु संकेत छिपे हैं। अल नीनो की वापसी, बढ़ता समुद्री तापमान और जलवायु परिवर्तन—ये तीनों मिलकर एक ऐसे दौर की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां रिकॉर्ड नई हकीकत बनता जा रहा है।

ऐसे बिगड़ता है संतुलनImage Credit : IStock06 / 06

ऐसे बिगड़ता है संतुलन

अल नीनो का सीधा असर हवा और समुद्री धाराओं पर पड़ता है। सामान्य स्थिति में ट्रेड विंड्स (पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं) गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती हैं, लेकिन अल नीनो के दौरान ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। इससे गर्म पानी वापस पूर्वी प्रशांत की ओर फैल जाता है और मौसम का संतुलन बिगड़ जाता है।

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