स्वंतत्रता दिवस (Independence Day) और गणतंत्र दिवस (Republic Day) दोनों ही देश के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण हैं। देश इस साल 15 अगस्त को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। (Photo Credit: Canva)
हमारा देश 15 अगस्त 1947 को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त जरूर हो गया था। हालांकि, देश की शासन व्यवस्था को चलाने के लिए हमारे पास अपना संविधान नहीं था। ऐसे में 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू किया गया। (Photo Credit: Canva)
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं। साथ ही राष्ट्र के नाम संबोधन देते हैं। वहीं, गणतंत्र दिवस पर देश के राष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। साथ ही परेड का भी आयोजन किया जाता है। (Photo Credit: Canva)
ऐसे में कई बार लोग ध्वज फहराने और ध्वजारोहण (Flag Hoisting vs Flag Unfurling) के बीच कंफ्यूज रहते हैं। अगर आप भी ध्वज फहराने और ध्वजारोहण का अंतर नहीं समझ पाते तो चलिए आज हम आपको बताते हैं। (Photo Credit: Canva)
झंडा फहराने के लिए राष्ट्रीय ध्वज को पोल से ऊपर की तरफ बांधा जाता है और फिर राष्ट्रपति की रस्सी खींचकर झंडा फहराते हैं। वहीं, ध्वजारोहण में राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर की तरफ खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है। (Photo Credit: Canva)
ऐसा इसलिए क्योंकि जब देश गुलामी से आजाद हुआ था तब अंग्रेजी सरकार का झंडा उतारकर राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर चढ़ाया था। (Photo Credit: Canva)
15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ था तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ध्वजारोहण किया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ था तो उस समय डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रपति पद की शपथ ले चुके थे। ऐसे में उन्होंने पहले गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया था। (Photo Credit: Canva)