कोटा में रहते हुए ही प्रेरणा ने NEET UG की तैयारी शुरू की। साल 2018 में जब प्रेरणा 10वीं क्लास में थीं तो पिता का साथ छूट गया। पिता के निधन ने बुरी तरह से तोड़कर रख दिया और परिवार की हालत खराब होती गई। परिवार पर 27 लाख रुपये का भारी था तो ऐसे में स्थिति और भी खराब हो गई।
बस इस मुश्किल हालात को देखते हुए प्रेरणा ने फैसला कर लिया कि वे अपने परिवार की स्थिति सुधारेंगी और सारा का सारा कर्ज चुकाएंगी। बस फिर क्या था, प्रेरणा ने पूरी लगन से अपनी NEET UG की तैयारी शुरू कर दी। उनकी तैयारी एक ऐसे कमरे से हुई, जहां मुश्किल से कोई बैठ पाता था। प्रेरणा पूरे दिन में 10-12 घंटे बैठकर पढ़ाई करती थीं।
घर में पैसे की तंगी थी तो वे कई बार खाना ही छोड़ देती थीं। प्रेरणा पूरे दिन में सिर्फ एक बार का खाना ही खाती थीं। कभी-कभी रिश्तेदार कुछ आर्थिक मदद दे देते थे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पैसे नहीं होते थे तो प्रेरणा आने-जाने के लिए साइकिल का सहारा लेती थीं। कई बार तो वे पैदल ही आती-जाती थीं।
सालों की लगन और मेहनत का नतीजा मिला साल 2023 में, जब प्रेरणा ने पहले ही प्रयास में NEET UG क्लीयर कर लिया। पास होने वाले 2.5 लाख उम्मीदवारों में से उन्हें 720 में कुल 686 नंबर्स मिले। उन्हें ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1,033 मिली।
प्रेरणा ने मीडिया से बातचीत में अपने पिता को सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। क्योंकि उनकी दी हुई सीख ने ही उन्हें अपनी मंजिल ढूंढने में मदद की। प्रेरणा की कहानी उन तमाम एस्पिरेंट्स के लिए प्रेरणादायी है जो मुश्किल हालातों में भी कुछ कर गुजरने का हौसला रखते हैं।