उत्तराखंड में एक ऐसा गांव मौजूद हैं, जिसे भारत का प्रथम गांव या भारत का पहला गांव कहा जाता है। खास बात ये है कि मान्यता है कि पांडव इसी गांव से स्वर्ग की ओर गए थे। अगर आप भी सरकारी एग्जाम की तैयारी करते हैं तो आपको इसका नाम जरूर पता होना चाहिए। (image - chatgpt)
भारत का पहला गांव या प्रथम गांव 'माणा' (Mana) को जाना जाता है। ये उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। बद्रीनाथ धाम से इस गांव की दूरी महज 3-4 किमी है। दूर भारत-तिब्बत (चीन) सीमा के पास बसा यह गांव पहले 'अंतिम गांव' के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब इसे सीमा पर्यटन के तहत 'भारत का पहला गांव' के रूप में मान्यता मिली है।
कहते हैं पांडव इसी गांव से होते हुए स्वर्ग गए थे। वही पांडव जिनका जिक्र महाभारत में मिलता है, जो कुंती पुत्र हैं, जिन्होंने इतिहास में हुए सबसे बड़े युद्ध यानी महाभारत में कौरवों को हराया था।
शायद ही आपको पता हो कि सरस्वती नदी को सिर्फ इसी गांव से देखा जा सकता है। क्योंकि कुछ दूर के बार ये नदी जमीन के नीचे बहती है।
यह लगभग 3,200 मीटर (10,500 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। ये भारत-तिब्बत सीमा के पास अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। पहले इसे 'अंतिम गांव' कहा जाता था, लेकिन अब सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा इसे "भारत का पहला गांव" घोषित किया गया है।
पैदल विदेश जाने से मतलब है कि पड़ोसी देश इस गांव से बहुत पास है। यह खूबसूरत गांव भारत-चीन सीमा से 24 किमी दूर है। ये दूरी इतनी कम है कि कोई भी पैदल पार कर सकता है।
उत्तराखंड में प्रशासनिक प्रभागों की संख्या 2 (Garhwal and Kumaon) है। यहां का हाईकोई नैनीताल में है जबकि यहां की राजधानी देहरादून है। बहुत कम लोगों को पता होगा कभी इस क्षेत्र को उत्तरांचल नाम से जाना जाता था।
Jun 14, 2026