World's Smallest Airport: एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक का सफर तय करने के लिए हवाई यात्रा सबसे बेहतर मानी जाती है। यह न केवल समय बचाती है, बल्कि यह एक रोमांचक अनुभव भी प्रदान करती है। शुरुआती समय में विमान सेवा केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ही सीमित थी, लेकिन अब घरेलू उड़ानों के लगातार विस्तार ने लंबी दूरियों को भी मिनटों में समेट दिया है।
दुनिया का सबसे छोटा एयरपोर्ट का नाम 'जुआनचो ई. यारूस्किन हवाई अड्डा हवाई अड्डा' है।
दुनिया का सबसे छोटा एयरपोर्ट 'निदरलैंड' के सबा आईलैंड पर बना हुआ है। यह एक कमर्शियल एयरपोर्ट है।
आमतौर पर एयरपोर्ट के रनवे 1.8 किलोमीटर से 4 किलोमीटर तक के होते हैं। लेकिन जुआनचो ई. यारूस्किन हवाई अड्डा का रनवे मात्र 400 मीटर का है।
बता दें कि न केवल इस एयरपोर्ट का रनवे छोटा है। बल्कि यह समुद्र और चट्टानों के किनारे बना हुआ है। लैंडिंग के दौरान एक छोटी सी गलती पूरे प्लेन को समुद्र में डूबा सकती है। यहीं कारण है कि यहां होने वाली लैंडिंग को दुनिया में सबसे डरावनी लैंडिंग माना जाता है।
दुनिया का सबसे छोटा एयरपोर्ट जुआनचो ई. यारूस्किन हवाई अड्डा भले ही कमर्शियल एयरपोर्ट है, लेकिन यहां यात्री विमानों की भी लैंडिंग की जाती है।
दुनिया के सबसे छोटे एयरपोर्ट पर उतने वाले पहले व्यक्ति का नाम एविएटर रेमी डी हेनेन था। उन्होंने 9 फरवरी 1959 में सवा द्वीप पर पहली बार लैंडिंग की थी।
सबा द्विप पर बने जुआनचो ई. यारूस्किन हवाई अड्डे का उद्घाटन आधिकारिक तौर पर 18 सितंबर 1963 में हुआ था। लेकिन इस एयरपोर्ट पर संचालन 24 जुलाई 1963 से शुरू हो गया था।