दुनिया का सबसे विशाल और आबाद यानी बसा हुआ नदी द्वीप 'माजुली द्वीप' है। हरी-भरी हरियाली और शांत जल निकायों उपजाऊ मिट्टी के लिए जाना जाता है। यह एक महत्वपूर्ण कृषि केंद्र है।
माजुली द्वीप 880 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। लेकिन बता दें कि 19वीं सदी में इस द्वीप का क्षेत्रफल 1250 वर्ग किलोमीटर हुआ करता था। घटकर अब यह केवल 880 रह गया है।
माजुली द्वीप भारत के असम के जोरहाटा के पास स्थित है। इस द्वीप की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत बहुत व्यापक है।
बता दें कि दुनिया का सबसे नदी द्वीप माजुली द्वीप दक्षिण में ब्रह्मपुत्र नदी और उत्तर में सुबनसिरी नदी से मिलने वाली ब्रह्मपुत्र नदी की एक शाखा खेर कुटिया जुती द्वारा बना है।
माजुली द्वीप का महत्व केवल कृषि से नहीं, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। 1500 के दशक में इस द्वीप को असम के मुख्य सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जाता है। इतना ही नहीं इस द्वीप को वैष्णव धर्म के हृदय के रूप में देखा जाता है।
1400 के दशक में शंकरदेव और उनके अनुयायी माधवदेव ने इस द्वीप पर कई सत्र को आयोजित किए, जिसके बाद इसे धार्मिक केंद्रों की तरह भी जाना गया। आज भी इन सत्रों का आयोजन किया जाता है, जिसमें पुराने संगीत, नृत्य और लेखन को जीवित रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
बता दें कि माजुली द्वीप केवल विश्व का सबसे बड़ा द्वीप के रूप में मान्यता तो मिली है, लेकिन इसके साथ ही यह भारत का पहला द्वीप जिला भी है।