MBBS के बाद यदि आप भी MD और MS में जैसे फील्ड को लेकर भ्रमित हो जाते हैं, तो पहले ऐसे निर्णय लेने के लिए, आपको सबसे पहले एमडी और एमएस के बीच का अंतर समझना होगा।
एमडी का मतलब है "डॉक्टर ऑफ मेडिसिन" होता है, जो कि एक स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम है। एमडी मुख्य रूप से बीमारियों का निदान करता है, और गैर-सर्जिकल तरीके से बीमारी को ठीक करने की कोशिश करता है।
एमएस का मतलब है "मास्टर ऑफ सर्जरी" होता है, एमडी की तरह ये भी एक स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम है। यह सर्जरी के लिए जाने जाते हैं, एक एमएस सर्जरी के माध्यम से मेडिकल कंडीशन को ठीक करने का प्रयत्न करता है।
एमएस उनके लिए बेस्ट है, जो सर्जिकल में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। एमडी ज्यादातर गैर-सर्जिकल होती, हालांकि कुछेक शाखाएं हैं जहाँ सर्जरी एमडी का एक हिस्सा हो सकती है।
वैसे तो किसी व्यक्ति को अपने विषय के आधार पर और अपने इंट्रेस्ट के आधार पर फील्ड का चुनाव करना चाहिए। लेकिन, बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण ऐसे निर्णय आसान नहीं हैं।
दोनों की कोर्स करने के बाद कोई व्यक्ति एक शिक्षण संकाय के रूप में मेडिकल कॉलेज में शामिल हो सकता है, वो चाहे तो सेल्फ प्रैक्टिस कर सकता है या स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरी के लिए आवेदन कर सकता है।
दोनों कोर्स के लिए काफी समर्पण और कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है, लेकिन कठिनाई का स्तर व्यक्ति की रुचि और योग्यता पर निर्भर करता है। रही बात कौन सी डिग्री बड़ी है, तो यहां बड़ा छोटा कुछ नहीं होता है। हां इतना जरूर कहा जा सकता है कि एमएस में एमडी की तुलना में पैसे कमाने का स्कोप अधिक है।