यह शहर कहलाता है स्पोर्ट्स कैपिटल ऑफ इंडिया, जानें क्या है कारण

Sports Capital Of India: भारत का स्पोर्ट्स कैपिटल, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर को कहा जाता है। आधुनिक खेल से जुड़ी सुविधाओं, वर्ल्ड क्लास स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी और सरकार की मजबूत खेल नीति ने इस शहर को एक ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन बना दिया है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Dec 14 2025, 09:01 IST
क्यों कहलाता है भारत का स्पोर्ट्स कैपिटल Image Credit : Canva01 / 07

क्यों कहलाता है भारत का स्पोर्ट्स कैपिटल

भुवनेश्वर ने पिछले एक दशक में खुद को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में विकसित किया है। आधुनिक स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी, मजबूत सरकारी पहल और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों की उपलब्धता ने इसे देश का एक बड़ा स्पोर्ट्स हब बना दिया है। यहां के हाई-परफॉर्मेंस मॉडल ने इसे वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाई है।

भविष्य के ओलंपियन तैयार कर रहा भुवनेश्वरImage Credit : Canva02 / 07

भविष्य के ओलंपियन तैयार कर रहा भुवनेश्वर

भुवनेश्वर देश के सबसे बड़े हाई-परफॉर्मेंस सेंटर नेटवर्क में से एक है। इनमें एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, शूटिंग, स्विमिंग, वेटलिफ्टिंग और स्पोर्ट्स साइंस के लिए विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था है। ये सेंटर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से चलाए जाते हैं और युवा खिलाड़ियों को कोचिंग, रिकवरी सिस्टम और प्रोफेशनल एनालिसिस की व्यवस्था कराते हैं।

कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर की पहचानImage Credit : Canva03 / 07

कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर की पहचान

कलिंगा स्टेडियम ने भुवनेश्वर को स्पोर्ट्स कैपिटल बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। यहां 2018 और 2023 के हॉकी वर्ल्ड कप, FIH प्रो लीग, एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप और राष्ट्रीय फुटबॉल और एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं जैसे कई बड़े आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। इसकी मल्टी-स्पोर्ट डिजाइन, विशाल दर्शक क्षमता और अत्याधुनिक सुविधाएं इसे भारत के शीर्ष स्टेडियमों में शामिल करती हैं।

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की पसंदीदा जगहImage Credit : Canva04 / 07

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की पसंदीदा जगह

भुवनेश्वर लगातार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर रहा है, जिससे यह एक ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो गया है। यहां हॉकी वर्ल्ड कप, FIFA U-17 महिला विश्व कप मैच, एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप, FIH प्रो लीग और पैरा-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप जैसे प्रमुख वैश्विक इवेंट आयोजित किए गए हैं। इन बड़े आयोजनों ने न केवल शहर की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है, बल्कि भुवनेश्वर को खेल जगत के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है।

तेजी से बढ़ रहा खेल इन्फ्रास्ट्रक्चरImage Credit : Canva05 / 07

तेजी से बढ़ रहा खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर

भुवनेश्वर में स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है। यहां इंडोर एरिना, स्विमिंग और एक्वेटिक सेंटर, एथलेटिक्स ट्रैक, हॉकी और फुटबॉल प्रशिक्षण मैदान के साथ-साथ कम्यूनिटी और ग्रासरूट स्पोर्टस् सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन व्यापक सुविधाओं ने युवाओं में खेलों के प्रति सहभागिता को बढ़ावा दिया है और भविष्य के खिलाड़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। इस विकास ने भुवनेश्वर को देश का एक प्रमुख खेल केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विश्वस्तरीय हॉकी हब के रूप में पहचानImage Credit : Canva06 / 07

विश्वस्तरीय हॉकी हब के रूप में पहचान

भुवनेश्वर दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल है जिसने दो बार हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी की है। यह हॉकी इंडिया और अंतरराष्ट्रीय हॉकी जगत के लिए प्रमुख केंद्र बन चुका है। शहर में हॉकी के लिए समर्पित ट्रेनिंग और हाई-परफॉर्मेंस सुविधाएं मौजूद हैं।

मजबूत खेल नीति से हुआ नाम     Image Credit : Canva07 / 07

मजबूत खेल नीति से हुआ नाम

ओडिशा सरकार की मजबूत खेल नीति ने भुवनेश्वर को देश का तेजी से उभरता खेल शहर बना दिया है। सरकार लगातार खेलों में निवेश कर रही है, जिसमें राष्ट्रीय टीमों को प्रायोजित करना, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित कराना, खिलाड़ियों के लिए विकास कार्यक्रम चलाना और स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना शामिल है। इन प्रयासों ने न केवल खिलाड़ियों को बेहतर अवसर दिए हैं बल्कि भुवनेश्वर को खेल जगत में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

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