​हवा में सुहाने सफर का उठाएं मजा, चलने वाली है UP की पहली रोप-वे कार; आसमान से देंखें अद्भुत नजारे​

UP Firs Ropeway: उत्तर प्रदेश के पहले रोपवे पर सफर करने के लिए लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं। अगले साल यानी 2026 के मई महीने में वाराणसी रोपवे कार सेवा को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यटक शहर के भीतर इस सेवा का लुत्फ उठा सकेंगे। हवा में चार किलोमीटर लंबे इस रूट पर सफर के लिए मूल्य 50 रुपये या 100 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। आइये जानते हैं इसका रूट कहां से कहां तक है?

Authored by: पुष्पेंद्र कुमारUpdated Dec 10 2025, 06:07 IST
​रोपवे प्रोजेक्ट क्या है?​01 / 08

​रोपवे प्रोजेक्ट क्या है?​

देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में रोपवे प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। खासकर, पर्वतीय, चोटियों पर मौजूद धार्मिक स्थल या पर्यटन स्थलों तक लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए नई तकनीकि की ओर कदम बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है। लिहाजा, सरकार ने पर्वतमाला विकास परियोजना के जरिए रोपवे प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। लेकिन, मैदानी इलाकों में शहरी नजारे को आसमान से निहारने के लिए रोपवे कार चलाने की दिशा में भी काम चल रहा है।

​वाराणसी रोप-वे रूट मैप​Image Credit : Istock02 / 08

​वाराणसी रोप-वे रूट मैप​

वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण रोप-वे परियोजना पर कार्य चल रहा है। तीर्थयात्रियों को रेलवे स्टेशन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक ले जाने के लिए प्रस्तावित रोप कार (रोप-वे) सेवा का निर्माण अपने अंतिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह सेवा साल 2026 के मई महीने तक शुरू कर दी जाएगी।

​काशी रोप-वे की लागत​Image Credit : Istock03 / 08

​काशी रोप-वे की लागत​

काशी रोप-वे परियोजना की लागत लगभग 800 करोड़ रुपये है। यह सेवा शहर के भीतर संचालित होने वाली भारत की पहली ऐसी सेवा होगी। इसे मई 2026 तक शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल इस पर काम जारी है। शहर में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कई दौरों के बाद यह निर्णय लिया गया।

​बनारस रोप-वे का सफर​Image Credit : Istock04 / 08

​बनारस रोप-वे का सफर​

जानकारी के मुताबिक, पहले काशी दर्शन को प्रतिदिन 5,000 लोग आते थे, वहीं आज यह संख्या लगभग दो लाख तक पहुंच गई है। मंडलायुक्त ने कहा कि शहर की संकरी सड़कों के कारण मेट्रो रेल संभव नहीं थी, इसलिए रोप कार का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यह चार किलोमीटर के खंड पर चलेगी, और यात्रा का समय 15-20 मिनट होगा।

​काशी में रोपवे का किराया​Image Credit : Istock05 / 08

​काशी में रोपवे का किराया​

रोप-वे कार में सफर करने के लिए एक व्यक्ति का अनुमानित टिकट मूल्य 50 रुपये या 100 रुपये होगा। इसमें लगभग 148 गोंडोला (केबल कार) होंगी। प्रत्येक में 10 लोगों को ले जाया जा सकेगा। परिचालन शुरू होने के बाद प्रतिदिन एक लाख लोगों के इसमें यात्रा करने की उम्मीद है।

​काशी गंगा में कितनी नौकायें चल रहीं​Image Credit : Istock06 / 08

​काशी गंगा में कितनी नौकायें चल रहीं​

आंकड़ों के मुताबिक, इस साल शहर में लगभग सात करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है और परिवहन को बढ़ाने के लिए जलमार्गों का उपयोग भी बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल, गंगा नदी पर अब 2,000 नौकाएं संचालित हो रही हैं, जो पहले 600 थीं। इसके अलावा, महत्वपूर्ण मार्गों पर इलेक्ट्रिक बस भी चलाई जा रही हैं।

​पहाड़ों पर रोपवे से पर्यटकों को होगी बड़ी सहूलियत​Image Credit : Istock07 / 08

​पहाड़ों पर रोपवे से पर्यटकों को होगी बड़ी सहूलियत​

भारत के मैदानी इलाकों में हाईवे और एक्सप्रेस समेत अन्य सड़क मार्ग विकसित कर कनेक्टिविटी को आसान बनाया जा सकता है, लेकिन यही कार्य पहाड़ी क्षेत्रों में करना बेहद मुश्किल भरा होता है। पहाड़ों में रोड इंफ्रास्ट्रक्टर डेवलप करना एक बड़ी चुनौती है। खासकर, पर्वतीय, चोटियों पर मौजूद धार्मिक स्थल या पर्यटन स्थलों तक लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए नई तकनीकि की ओर कदम बढ़ाने की जरूरत पड़ी। लिहाजा, सरकार ने पर्वतमाला विकास परियोजना के जरिए रोपवे प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है।

​रोपवे बनाने में कितना खर्च आता है?​Image Credit : Istock08 / 08

​रोपवे बनाने में कितना खर्च आता है?​

सरकार के हवाले से देखें तो पर्वतीय इलाकों में करीब एक किलोमीटर रोपवे की लागत 45 करोड़ से लेकर 65 करोड़ तक हो सकती है। हालांकि, यह निश्चित आंकड़ा नहीं है। अगर, हम 50 करोड़ रुपये भी मान लें तो रोपवे बनाने के लिए सरकार बड़ा अमाउंट खर्च करना होता है।

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