साइबर फ्रॉड से बचने के लिए आपको अपना पासवर्ड न सिर्फ मजबूत रखना चाहिए, बल्कि समय-समय पर उसे बदलते भी रहना चाहिए। इसके अलावा, अलग-अलग साइट के लिए हमेशा अलग-अलग पासवर्ड ही रखें। अपने पासवर्ड को 8-10 अक्षर का रखें और उसमें नंबर और स्पेशल कैरेक्टर भी रखें।
वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल आपको इंटरनेट पर अतिरिक्त सुरक्षा देता है। वीपीएन आपके सिस्टम तक आने वाले ट्रैफिक को इंक्रिप्ट कर देता है। इसके अलावा हमेशा अच्छे एंटीवायरस या सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।
इंटरनेट पर बेहतर सुरक्षा के लिए अपने सिस्टम और फोन को हमेशा अप-टू-डेट रखें, क्योंकि सॉफ्टवेयर कंपनियां लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच भेजते रहते हैं। अगर आपका सिस्टम अपडेट नहीं है तो साइबर क्रिमिनल्स के लिए आप आसान शिकार हैं।
कई बार सिस्टम और फोन में पॉप-अप आता है या कोई स्पैम ई-मेल आता है, जो आपके आपका यूजरनेम और पासवर्ड व अन्य सेंसिटिव इंफोर्मेशन मांगता है। उनके झांसे में न आएं और उन्हें न खोलें।
सोशल मीडिया पर भी अपनी पर्सनल और प्राइवेट इंफॉर्मेशन को हमेशा लॉक रखें। साइबर क्रिमिनल्स कुछ ही प्वाइंट्स की मदद से आपके डाटा तक पहुंच सकते हैं। इसलिए ऐसे ठगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी तक न पहुंचने दें।
बेहतर ऑनलाइन सिक्योरिटी के लिए हमेशा ध्यान रखें कि ब्राउजर पर पासवर्ड सेव करने की आदत को छोड़ दें। इससे हैकर्स का लॉगइन करना आसान हो जाता है। इसके अलावा इंटरनेट पर मौजूद हर चीज पर भरोसा न करें। कुछ भी संदेहजनक लगे तो उस पर क्लिक न करें।
सभी उपाय अपनाने के बावजूद भी अगर आपके साथ साइबर ठगी होती है तो आपको सबसे पहले स्थानीय पुलिस चौकी या थाने में रिपोर्ट लिखवानी चाहिए। साइबर क्राइम सेल में 1930 और 155260 नंबरों पर कॉल करके जानकारी दें।