महाकुंभ 2025 से पहले प्रयागराज में एनएसजी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस, कुंभ मेला पुलिस, एनएसजी, एटीएस, एनडीआरएफ और अन्य पैरामिलिट्री फोर्सेज शामिल हैं।
एनएसजी कमांडो ने मॉक ड्रिल के दौरान आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए श्रद्धालुओं को छुड़ाने, बम ब्लास्ट से लोगों को बचाने और एक जिंदा बम को निष्क्रिय करने का प्रदर्शन किया।
एनएसजी की पांच टुकड़ियां महाकुंभ में तैनात रहेंगी। ये टीमें डर्टी बम, फिदायीन हमले और केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।
महाकुंभ 2025 में देश-विदेश से लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। अत्याधुनिक हथियारों व संसाधनों से लैस एनएसजी के जवान महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था को देखेंगे। इनके पास एमपी5, एके-47, कार्नर शॉट गन, ग्लोक 17 जैसे हथियार मौजूद हैं।
महाकुंभ मेले में केमिकल अटैक की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमों ने भी मॉक ड्रिल की। इस दौरान आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की योजना को परखा गया।