Barapullah Flyover Project Update: पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को जोड़ने वाले बारापुला फेज-3 एलिवेटेड फ्लाईओवर को पूरा होने में अभी और समय लगेगा। यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब 2027 तक पूरी होने की संभावना है। लगातार हो रही देरी के चलते न सिर्फ समयसीमा बढ़ी है, बल्कि परियोजना की लागत में भी सैकड़ों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
सराय काले खां से मयूर विहार तक बनने वाला बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर साल 2014 में स्वीकारा गया था। निर्माण कार्य अगले साल शुरू हुआ, लेकिन लगभग दस साल बीतने के बाद भी यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो सका। (सांकेतिक चित्र)
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में परियोजना को पूरा करने के लिए करीब 15 महीने अतिरिक्त समय की जरूरत होगी। अब इसे 2027 से पहले चालू कर पाना मुश्किल माना जा रहा है। (सांकेतिक चित्र)
अधिकारियों का कहना है कि फ्लाईओवर का अधिकांश ढांचा तैयार हो चुका है और करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, कुछ तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें अब भी अंतिम चरण में बाधा बनी हुई हैं। (सांकेतिक चित्र)
शुरुआत में इस परियोजना पर करीब 1260 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था। लेकिन समय बढ़ने और विवादों के चलते अब यह आंकड़ा 1635 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, यानी 370 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी। (सांकेतिक चित्र)
PWD ने सरकार को बताया है कि महामारी के दौरान काम प्रभावित हुआ। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण में देरी, बिजली की हाई-टेंशन लाइनों को शिफ्ट करने की दिक्कतें और अन्य प्रशासनिक बाधाएं भी प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में आड़े आईं। (सांकेतिक चित्र)
व्यय वित्त समिति की बैठक में यह भी टिप्पणी की गई कि विभाग की ओर से समय पर सख्त निर्णय नहीं लिए गए, जिससे देरी टलती नहीं रही। भविष्य की परियोजनाओं में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को और मजबूत करने की बात कही गई है। (सांकेतिक चित्र)
प्रोजेक्ट के दौरान ठेकेदार और विभाग के बीच विवाद भी बढ़ा, जो जिसके चक्कर में कोर्ट के भी चक्कर लगे। फैसला ठेकेदार के पक्ष में आया और बाद में अदालत के निर्देश पर विभाग को भुगतान करना पड़ा, जिससे प्रोजेक्ट की लागत और बढ़ गई। (सांकेतिक चित्र)