बिहार में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए नए प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। फिलहाल, सुपौल पिपरा रेल लाइन, हसनपुर बिथान रेल लाइन और छपरा और बगहा में दो 2-लेन रेल ओवर ब्रिज का भी उद्घाटन किया गया। तो वहीं खगड़िया-अलौली रेल लाइन समर्पित की गई। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा। इसी प्रकार एक नए रूट पर सीतामढ़ी के पास नरकटियागंज-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेलखंड के दोहरीकरण के लिए बड़ा बजट दिया गया है।
सीतामढ़ी के पास नरकटियागंज-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेलखंड के दोहरीकरण की मंजूरी मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ने के कयास है। 255.5 किलोमीटर लंबे इस रूट को साल 2020 में मंजूरी मिली थी। अब रेलवे बोर्ड ने डीपीआर को मंजूरी दे दी है। इसके निर्माण से रेल सेवाओं में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर यात्रा का अनुभव होगा। नरकटियागंज-दरभंगा वाया सीतामढ़ी और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर वाया सैदपुर 255.5 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 130 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के दोहरीकरण को नवंबर या दिसंबर माह से युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा, जिसे साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य होगा।
दैनिक जागरण के हवासे से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्र में इस परियोजना के दोहरीकरण के लिए रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी थी, जिसको भारत सरकार ने साल 2019-20 के बजट सत्र में निर्माण कार्य की प्रक्रिया का जिक्र किया था। लिहाजा, जनवरी 2020 में देश के विभिन्न रेल खंडों के दोहरीकरण को लेकर फाइनल सर्वे के लिए पत्र जारी किया गया था, जिसे मंजरी दी गई थी।
इस परियोजना के निर्माण की फाइनल लोकेशन सर्वे की मंजूरी को लेकर कागजी प्रक्रिया को आग बढ़ाया गया, जिसकी टेंडर प्रक्रिया के लिए 4 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि पर अंतिम मुहर लग गई, जिसके तहत सर्वे का काम पूरा कर लिया गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि युद्ध स्तर पर इसका कार्य पूरा किया जाएगा। इस दोहरे ट्रैक के खुलने से ट्रेनों की लेट लतीफी से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा और यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक, इस रेल खंड के दोहरीकरण रूट पर तकरीबन 301 पुल और पुलिया का निर्माण होगा और 176 समपार फाटक होंगे। इसमें बड़े पुलों की संख्या 100 तक होगी। वहीं, 201 पुलिया निर्मित की जाएंगे। इससे लोगों रेलवे लाइन क्रॉस करने में आसानी होगी। टेंडर स्वीकृति मिलने के बाद रेलवे लाइन का दोहरीकरण कर नई पटरियां बिछाई जाएंगी, जिससे रेलवे को गति मिलेगी।
नरकटियागंज से दरभंगा के बीच प्रमुख स्टेशनों में नरकटियागंज जंक्शन और दरभंगा जंक्शन शामिल हैं। इसके बीच में छोटे स्टेशनों में दुधिया खुर्द, कप्तानगंज, लक्ष्मीगंज और अन्य स्टेशन हैं। । यह रूट समस्तीपुर मंडल के पूर्वी केंद्रीय रेलवे का हिस्सा है। इस रूट पर प्रमुख पैसेंजर ट्रेनों में हरीनगर दरभंगा पैसेंजर, समस्तीपुर-दरभंगा मेमू और लोकमान्य तिलक दरभंगा स्पेशल दरभंगा से महाबलीपुरम चलती हैं। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी शामिल हैं।
सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेल लाइन के मध्य कई छोटे बड़े स्टेशन हैं, जिनमें कई प्रमुख ट्रेनें संचालित हैं। इस रूट पर सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर प्रमुख स्टेशन हैं। इसके अलावा गरह, डुमरा, भिसा, जुब्बासाहनी, परमजीवर ताराजीवर और रून्नीसैदपुर स्टेशन भी हैं। ऐसे में इस रूट पर डबलीकरण होने से ट्रेनों की संख्या में इजाफा किया जा सकता है। साथ गाड़ियों की रफ्तार के साथ टाइमिंग पर भी खासा असर होगा।