24 दिसंबर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शंख एयरलाइंस को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया। इसके साथ ही अल हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस को भी मंजूरी मिली। यह शंख एयरलाइंस के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि इसके बाद एयरलाइन के ऑपरेशन शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। (तस्वीर- istock/x)
उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा एक मिडिल क्लास परिवार से आते हैं। पढ़ाई में ज्यादा मन न लगने और पारिवारिक हालातों के कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई। इसके बाद उन्होंने नौकरी की बजाय खुद का काम शुरू करने का फैसला किया। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन मेहनत और जोखिम लेने की हिम्मत ने उन्हें आगे बढ़ाया। (तस्वीर- istock/x)
रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रवण ने पहले सरिया के बिजनेस में कदम रखा। इसके बाद सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम किया। उन्होंने धीरे-धीरे ट्रकों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। यहीं से उनकी पहचान एक सफल कारोबारी के रूप में बनी। श्रवण मानते हैं कि जमीन से जुड़े रहकर काम करने का अनुभव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। (तस्वीर- istock/x)
करीब तीन से चार साल पहले श्रवण के मन में एविएशन सेक्टर में कुछ नया करने का विचार आया। उन्हें लगा कि आज के समय में हवाई यात्रा सिर्फ लग्ज़री नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। इसके बावजूद आम और मध्यम वर्ग के लिए सस्ती, भरोसेमंद और ईमानदार एयरलाइन की कमी है। इसी सोच ने शंख एयरलाइंस की नींव रखी। (तस्वीर- istock/x)
एयरलाइन का नाम ‘शंख’ रखने के पीछे भी खास सोच है। नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक श्रवण कहते हैं कि शंख हर घर में होता है और आस्था का प्रतीक है, लेकिन उसे सही तरीके से बजाना सबके बस की बात नहीं। यही बात उनकी कंपनी की सोच को भी दर्शाती है। शंख एयरलाइंस भरोसे, सादगी और अलग पहचान के साथ आगे बढ़ना चाहती है। (तस्वीर- istock/x)
शंख एयरलाइंस का सबसे बड़ा दावा है कि यहां डायनामिक प्राइसिंग नहीं होगी। यानी सुबह खरीदी गई टिकट शाम को कई गुना महंगी नहीं होगी। त्योहार हो या ज्यादा डिमांड, किराया तय और पारदर्शी रहेगा। एयरलाइन सीमित मुनाफे में भरोसेमंद सेवा देने पर ध्यान देगी, ताकि आम आदमी भी बिना डर के हवाई सफर कर सके। (तस्वीर- istock/x)
शुरुआत में शंख एयरलाइंस एयरबस A320 विमानों से उड़ान भरेगी। फिलहाल तीन विमान तैयार हैं। 2025 तक बेड़े को 10 से ज्यादा और 2026–27 तक 15 से 25 विमानों तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी प्लानिंग है। एयरलाइन का हेड ऑफिस लखनऊ में होगा और पहली उड़ान उत्तर प्रदेश से ही शुरू होगी। कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे शहरों को देश के बड़े महानगरों से जोड़ने की तैयारी है। (तस्वीर- istock/x)