हरियाणा के गुरुग्राम के निर्मल मिंडा, मिंडा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन हैं। इसके अलावा मिंडा अब गुरुग्राम के सबसे अमीर व्यक्ति भी हैं। मिंडा को 'हरियाणा रत्न पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया है।
मिंडा इंडस्ट्रीज कार और बाइक जैसे वाहनों के कई तरह के पार्ट्स बनाने का काम करती है। यह कारोबार 1958 में निर्मल मिंडा के दिवंगत पिता द्वारा शुरू किया गया था।
ऑटो पार्ट्स बनाने वाली यूएनओ मिंडा मैन्युफैक्चर्स की शुरुआत बहुत छोटी थी। कंपनी की शुरुआत दिल्ली में एक छोटे से वर्कशॉप से हुई थी। एक छोटे से वर्कशॉप से शुरू हुई यह कंपनी अब 66,904 करोड़ रुपये की कंपनी बन गई है।
शुरुआत में यह कंपनी मोटरसाइकिल के लिए इलेक्ट्रिक पार्ट्स बनाती थी। इसके बाद निर्मल मिंडा 1977 में मार्केटिंग डिवीजन में पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े। आज यूएनओ मिंडा की दुनिया भर में 73 फैक्ट्रियां हैं। कंपनी 2020 से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सेंसर और लाइट जैसे पार्ट्स भी बनाती है।
फोर्ब्स के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 2018 से मिंडा की संपत्ति 1 बिलियन डॉलर से बढ़कर अब लगभग 2.7 बिलियन डॉलर (करीब 22,670 करोड़ रुपये) हो गई है।