सेविंग बैंक अकाउंट के वो ट्रांजेक्शन जिनपर इनकम टैक्स की रहती है नजर, आ सकता है नोटिस

आज के समय में हर किसी के पास दो या उससे ज्यादा सेविंग अकाउंट होना आम बात हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन अकाउंट्स से अगर कुछ खास ट्रांजैक्शन किए जाएं, तो आप इनकम टैक्स विभाग की रडार पर आ सकते है? सिर्फ बड़े कारोबारियों या अमीर लोगों की ही नहीं, बल्कि आम लोग भी अब SFT (Statement of Financial Transaction) के तहत निगरानी में हैं।

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Nov 27 2025, 08:05 IST
इनकम टैक्स की नजर Image Credit : Canva01 / 09

इनकम टैक्स की नजर

अब आम लोगों के सैलरी या सेविंग अकाउंट पर भी इनकम टैक्स की नजर है। ऐसे में आइए आज हम आपको ऐसे 10 ट्रांजेक्शन बताते हैं जो अगर आपने अपने सेविंग अकाउंट से किये तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। अगर आप भी इनमे से कोई ट्रांजेक्शन करते हुए पकडे जाते हैं तो आपको इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है।

ऐसे रखता है नजर Image Credit : Canva02 / 09

ऐसे रखता है नजर

दरअसल, टैक्स विभाग अब SFT यानी Statement of Financial Transaction के ज़रिए हर बड़े या संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन पर नजर रखता है। बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड हाउस और रजिस्ट्री ऑफिस हर साल यह रिपोर्ट इनकम टैक्स विभाग को भेजते हैं। इसका मकसद टैक्स चोरी और अनजान लेन-देन पकड़ना है।

एक साल में ₹10 लाख या उससे ज्यादा कैश जमाImage Credit : Canva03 / 09

एक साल में ₹10 लाख या उससे ज्यादा कैश जमा

अगर आपने एक साल में ₹10 लाख या उससे ज्यादा कैश बैंक में जमा किया है चाहे एक बार में या अलग-अलग बार तो बैंक इसे इनकम टैक्स विभाग को रिपोर्ट करता है। अगर आपने यह रकम अपने ITR में नहीं दिखाई, तो नोटिस आ सकता है।

बड़े क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतानImage Credit : Canva04 / 09

बड़े क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान

अगर आपकी आय कम है लेकिन आप हर महीने बड़े-बड़े क्रेडिट कार्ड बिल चुका रहे हैं, तो विभाग को शक हो सकता है कि आपकी असली कमाई बताई गई आय से ज्यादा है। दरअसल, कई लोग ऐसे होते हैं जो क्रेडिट कार्ड का बिल कैश या इनकम से ज्यादा अमाउंट एक बार में भर देते हैं ऐसे में आप इनकम टैक्स विभाग की नजर में आ सकते हैं

बार-बार कैश जमा या निकासी Image Credit : Canva05 / 09

बार-बार कैश जमा या निकासी

अगर आप बार-बार बड़ी रकम निकालते या जमा करते हैं, और उसका कोई स्पष्ट कारण नहीं है, तो इसे संदिग्ध माना जा सकता है खासकर जब यह रकम लाखों में हो। तब इनकम टैक्स विभाग की रडार पर आ सकते हैं और इसके लिए विभाग आपको नोटिस भी भेज सकता है

​बड़ी संपत्ति की खरीद-बिक्री​Image Credit : Canva06 / 09

​बड़ी संपत्ति की खरीद-बिक्री​

₹30 लाख या उससे ज्यादा की किसी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री की जानकारी अपने आप टैक्स विभाग तक पहुंच जाती है। ऐसे ट्रांजैक्शन विभाग की खास निगरानी में रहते हैं। जब भी आप बड़ी प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो इनकम टैक्स विभाग की नजर में आप आ सकते हैं

विदेश से जुड़ी लेन-देनImage Credit : Canva07 / 09

विदेश से जुड़ी लेन-देन

विदेश से जुड़ी किसी भी तरह की बड़ी लेन-देन अब पहले की तरह अनदेखी नहीं की जाती। अगर आपने विदेश यात्रा, विदेश में पढ़ाई, इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, या फॉरेक्स कार्ड पर ₹10 लाख से ज्यादा खर्च किया है, तो इसकी पूरी डिटेल SFT (Statement of Financial Transactions) रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है।

Dormant अकाउंट में अचानक बड़ी रकम08 / 09

Dormant अकाउंट में अचानक बड़ी रकम

अगर आपका कोई बैंक अकाउंट कई महीने या सालों से बंद पड़ा है जिसमें कोई लेन-देन नहीं हो रहा—तो वह Dormant (निष्क्रिय) अकाउंट कहलाता है। ऐसे अकाउंट में अचानक बड़ी रकम जमा हो जाए या किसी ने भारी अमाउंट ट्रांसफर कर दिया, तो यह बात टैक्स विभाग का ध्यान खींच सकती है।

<strong>ब्याज या डिविडेंड में गड़बड़ी</strong>09 / 09

ब्याज या डिविडेंड में गड़बड़ी

अगर आपने शेयर, म्यूचुअल फंड या बैंक डिपॉज़िट से ब्याज या डिविडेंड कमाया है, तो उसे ITR में दिखाना जरूरी है। कई लोग छोटी-छोटी इनकम को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन टैक्स विभाग के पास सभी वित्तीय लेन-देन का डेटा ऑटोमैटिक तरीके से पहुंचता है। अगर आपके PAN पर कोई भी ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन दर्ज है और आपने उसे ITR में शामिल नहीं किया, तो सिस्टम इसे तुरंत पकड़ सकता है। ऐसे मामलों में नोटिस भेजा जा सकता है और ब्याज + पेनल्टी भी लग सकती है।​

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