भारत में 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी, 4 में उत्पादन पायलट स्टेज में पहुंचा
India Semiconductor Plants: केंद्र सरकार ने देश में अब तक 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी है। इनमें से चार प्लांट्स में उत्पादन पायलट स्टेज तक पहुंच चुका है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी। सरकार के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में कुल अनुमानित निवेश 1.6 लाख करोड़ रुपए होगा।
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स्टार्टअप्स और चिप डिजाइन में मदद
सरकार ने स्टार्टअप्स के माध्यम से 24 चिप डिजाइन परियोजनाओं को समर्थन दिया है। इनमें से 16 परियोजनाओं ने टेपआउट पूरा कर लिया है, जो कि डिज़ाइन को फाइनल चिप में बदलने की प्रक्रिया है। वहीं 13 परियोजनाओं को वेंचर कैपिटल फंडिंग भी मिली है। इससे भारत में नए तकनीकी इनोवेशन और स्टार्टअप्स के लिए मजबूत माहौल तैयार हो रहा है।
विश्वविद्यालयों के लिए ईडीए टूल्स की सुविधा
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि देश के 350 विश्वविद्यालयों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स तक पहुंच दी गई है। इन टूल्स का इस्तेमाल लगभग 65,000 इंजीनियर कर रहे हैं। इससे इंजीनियरिंग छात्रों और शोधकर्ताओं को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम
सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए 76,000 करोड़ रुपए के कुल निवेश के साथ “सेमीकॉन इंडिया” कार्यक्रम शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर का पूरा इकोसिस्टम विकसित करना है। इसमें डिज़ाइन, निर्माण, असेंबली, परीक्षण, पैकेजिंग और मॉड्यूल निर्माण से लेकर फैब्रिकेशन तक की सभी सुविधाएँ शामिल हैं।
आईटी क्षेत्र की प्रगति
मंत्रालय ने नैसकॉम के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत के आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। 2020-21 से 2024-25 के बीच निर्यात 152 अरब डॉलर से बढ़कर 224.4 अरब डॉलर हो गया है। इसी अवधि में कुल आय भी 196 अरब डॉलर से बढ़कर 283 अरब डॉलर हो गई है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
विश्लेषकों का अनुमान है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में समन्वय बढ़ेगा। इससे देश का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम मजबूत होगा और भारत अगली पीढ़ी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी देश के रूप में स्थापित होगा।
रणनीतिक संसाधनों की सुरक्षा
सरकार ने 7,280 करोड़ रुपए की सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य रणनीतिक सामग्रियों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना है। इससे भारत की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं को मजबूती मिलेगी और देश तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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