भारत ने रचा इतिहास! देश का पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क 5 लाख सर्किट किलोमीटर के पार

Electric Transmission Network: भारत का विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क (Power Transmission Network) अब 220 किलोवोल्ट और उससे अधिक क्षमता वाली लाइनों के मामले में 5 लाख सर्किट किलोमीटर का आंकड़ा पार कर गया है। यह जानकारी बिजली मंत्रालय ने दी। इस उपलब्धि के साथ ही देश की कुल ट्रांसफॉर्मर क्षमता 1,407 गीगावोल्ट एम्पियर तक पहुंच गई है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Jan 23 2026, 11:38 IST
​राजस्थान में नई ट्रांसमिशन लाइन चालू​Image Credit : Istock01 / 07

​राजस्थान में नई ट्रांसमिशन लाइन चालू​

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्रालय ने बताया कि राजस्थान में भादला-दो से सीकर-दो सब-स्टेशन तक 765 किलोवॉट की 628 सर्किट किलोमीटर लंबी नई ट्रांसमिशन लाइन चालू हो गई है। इस लाइन के शुरू होने के साथ ही देश के राष्ट्रीय ग्रिड ने 14 जनवरी को पांच लाख सर्किट किलोमीटर का आंकड़ा पार कर लिया।

​सौर ऊर्जा का बेहतर ट्रांसमिशन​Image Credit : Istock02 / 07

​सौर ऊर्जा का बेहतर ट्रांसमिशन​

नई ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से भादला, रामगढ़ और फतेहगढ़ सौर ऊर्जा परिसर से अतिरिक्त 1,100 मेगावाट बिजली पारेषण संभव हो गया है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े हिस्से को आसानी से ग्रिड में शामिल किया जा सकेगा।

​ट्रांसमिशन नेटवर्क में तेजी से वृद्धि​Image Credit : Istock03 / 07

​ट्रांसमिशन नेटवर्क में तेजी से वृद्धि​

बिजली मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2014 से अब तक देश के ट्रांसमिशन नेटवर्क में 71.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान 2.09 लाख सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनें जोड़ी गईं। साथ ही, ट्रांसफॉर्मर क्षमता में 876 गीगावोल्ट एम्पियर की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पिछले कई वर्षों में बिजली ट्रांसमिशन क्षेत्र में काफी तेजी आई है।

​अंतर-क्षेत्रीय बिजली अंतरण क्षमता​Image Credit : Istock04 / 07

​अंतर-क्षेत्रीय बिजली अंतरण क्षमता​

देश की अंतर-क्षेत्रीय बिजली अंतरण क्षमता अब 1,20,340 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसका मतलब यह है कि देश के विभिन्न हिस्सों के बीच बिजली की निर्बाध आपूर्ति संभव हो गई है। इससे “एक राष्ट्र–एक ग्रिड–एक फ्रीक्वेंसी” के लक्ष्य को भी सफलतापूर्वक हासिल किया गया है।

​भविष्य की योजनाएं​Image Credit : Istock05 / 07

​भविष्य की योजनाएं​

मंत्रालय ने कहा कि कार्यान्वयन के चरण में मौजूद अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन परियोजनाओं से लगभग 40,000 सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइन और 399 गीगावोल्ट एम्पियर अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। ये परियोजनाएं 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगी।

​रिन्युअल एनर्जी के तेजी से एकीकरण में मदद​Image Credit : Istock06 / 07

​रिन्युअल एनर्जी के तेजी से एकीकरण में मदद​

नई ट्रांसमिशन लाइनों और ट्रांसफॉर्मर क्षमता के विस्तार से नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से ग्रिड में शामिल होने की प्रक्रिया आसान होगी। इससे गैर-जीवाश्म ऊर्जा के उत्पादन और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम देश को ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों में मदद करेगा।

​सरकार के सतत प्रयासों की पुष्टि​Image Credit : Istock07 / 07

​सरकार के सतत प्रयासों की पुष्टि​

बिजली मंत्रालय ने कहा कि पांच लाख सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन की उपलब्धि देशभर में विश्वसनीय, किफायती और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सरकार के लगातार प्रयासों को दर्शाती है। यह न केवल बिजली के बेहतर पारेषण का संकेत है बल्कि यह नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से अपनाने के लिए किए गए कदमों को भी दिखाता है।

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