अनिल अंबानी बना रहे एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट, 'कंगाली' के दौर से निकलकर हासिल करेंगे बड़ा मुकाम

अनिल अंबानी के दिन बदलते जा रहे हैं। उनकी कंपनियां कर्ज घटाती जा रही हैं। जबकि वे अब रिन्यूएबल एनर्जी में अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में अनिल अंबानी की रिलायंस पावर की सब्सिडियरी रिलायंस एनयू सनटेक ने SECI के साथ 930 MW सोलर और 465 MW/1,860 MWh बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए 25-वर्षीय समझौता किया।

Authored by: काशिद हुसैन Updated May 4 2025, 08:03 IST
​क्लीन एनर्जी टार्गेट​Image Credit : IStock/X01 / 05

​क्लीन एनर्जी टार्गेट​

खास बात ये है कि यह एशिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट है, जो ₹10,000 करोड़ के निवेश से 24 महीनों में पूरा होगा। यह भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को बढ़ावा देगा।

​सोलर एनर्जी की सप्लाई ​Image Credit : IStock/X02 / 05

​सोलर एनर्जी की सप्लाई ​

इस प्रोजेक्ट में सोलर एनर्जी की सप्लाई ₹3.53 प्रति kWh के रेट से की जाएगी। 1,700 MW से अधिक सोलर जनरेशन कैपेसिटी और बैटरी स्टोरेज सिस्टम ग्रिड स्थिरता और भरोसेमंद एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करेगा।

​378 करोड़ की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी ​Image Credit : IStock/X03 / 05

​378 करोड़ की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी ​

अनिल अंबानी की कंपनी ने बिडिंग से कॉन्ट्रैक्ट साइन करने तक की प्रोसेस सिर्फ 5 मात्र महीनों में पूरी कर ली। कंपनी ने इसके लिए ₹378 करोड़ की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जमा कर दी है।

​क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन ​Image Credit : IStock/X04 / 05

​क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन ​

यह प्रोजेक्ट भारत के 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी टार्गेट में अहम योगदान देगा। रिलायंस एनयू सनटेक का यह कदम क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

​ नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित क्षमता​Image Credit : IStock/X05 / 05

​ नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित क्षमता​

बता दें कि देश की पाँच प्रमुख एनर्जी कंपनियों ने 2,000 MW सोलर और 1,000 MW/4,000 MWh स्टोरेज की नीलामी में हिस्सा लिया। ये प्रोजेक्ट सरकार के 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित क्षमता के लक्ष्य में काफी सहयोग करेगा।

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