खास बात ये है कि यह एशिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट है, जो ₹10,000 करोड़ के निवेश से 24 महीनों में पूरा होगा। यह भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को बढ़ावा देगा।
इस प्रोजेक्ट में सोलर एनर्जी की सप्लाई ₹3.53 प्रति kWh के रेट से की जाएगी। 1,700 MW से अधिक सोलर जनरेशन कैपेसिटी और बैटरी स्टोरेज सिस्टम ग्रिड स्थिरता और भरोसेमंद एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
अनिल अंबानी की कंपनी ने बिडिंग से कॉन्ट्रैक्ट साइन करने तक की प्रोसेस सिर्फ 5 मात्र महीनों में पूरी कर ली। कंपनी ने इसके लिए ₹378 करोड़ की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जमा कर दी है।
यह प्रोजेक्ट भारत के 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी टार्गेट में अहम योगदान देगा। रिलायंस एनयू सनटेक का यह कदम क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
बता दें कि देश की पाँच प्रमुख एनर्जी कंपनियों ने 2,000 MW सोलर और 1,000 MW/4,000 MWh स्टोरेज की नीलामी में हिस्सा लिया। ये प्रोजेक्ट सरकार के 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल आधारित क्षमता के लक्ष्य में काफी सहयोग करेगा।