जब भी लोग नई कार या बाइक खरीदते हैं तो इंजन की ताकत हॉर्सपावर में बताई गई होती है और साथ ही टॉर्क का जिक्र भी होता है। क्या आप टॉर्क का मतलब जानते हैं? आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कार-बाइक में टॉर्क का क्या इस्तेमाल होता है।
कार-बाइक के इंजन में पिस्टन होते हैं। ये पिस्टन जब क्रैंकशाफ्ट में ऊपर और नीचे चलते हैं तो टॉर्क जनरेट होता है। टॉर्क कार-बाइक के लिए बहुत ही जरूरी होता है। आइये जानते हैं कैसे?
अक्सर आपने देखा होगा कि कार खराब हो जाने पर किसी और कार की मदद से खराब हुई कार को खींचा जाता है। यहां टॉर्क बहुत ज्यादा काम आता है। अगर टॉर्क न हो तो कार, खराब कार को नहीं खींच पाएगी।
इतना ही नहीं, एक्सलरेशन के लिए भी टॉर्क बहुत ही जरूरी होता है। जितना अच्छा गाड़ी का टॉर्क होता है, उतनी ही तेजी से गाड़ी रफ्तार पकड़ सकती है। खासकर तब जब गाड़ी बिल्कुल रुकी हुई हो और उसे रफ्तार में लाना हो तब टॉर्क और भी जरूरी हो जाता है।
अगर आप ऑफ-रोड जाना चाहते हैं या फिर पहाड़ी इलाकों में जा रहे हैं तो आपको ज्यादा टॉर्क वाली कार-बाइक ही चुननी चाहिए। कार-बाइक कितनी आसानी से चढ़ाई चढ़ पाएगी यह भी टॉर्क पर ही निर्भर करता है।