Kameshwar Chaupal:1989 में रखी थी राम मंदिर की पहली ईंट, अब बन सकते हैं बिहार के नए डिप्टी CM

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 13, 2020, 01:28 PM IST

BJP के वरिष्ठ नेता कामेश्वर चौपाल (Kameshwar Chaupal बिहार के नए उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं। साल 1989 के राम मंदिर आंदोलन के समय हुए शिलान्यास में कामेश्वर ने ही राम मंदिर के नींव की पहली ईंट रखी थी।

Kameshwar Chaupal:1989 में रखी थी राम मंदिर की पहली ईंट, अब बन सकते हैं बिहार के नए डिप्टी CM

पटना: बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनडीए के सभी घटक दलों की एक सामूहिक औपचारिक बैठक होने के बाद नई सरकार की शपथ की तारीख भी सामने आ जाएगी। लेकिन नई सरकार के गठन से पहले इस बात की चर्चाएं गर्म है कि बिहार के नए मंत्रिमंडल में किसे -किसे जगह मिल सकती है और सरकार का स्वरूप कैसा होगा। इन सबके बीच एक ऐसा नाम सामने आया है जो बहुत कम सुर्खियों में रहा है और ये नाम है बीजेपी नेता कामेश्वर चौपाल का। कामेश्वर चौपाल बिहार के अगले उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं।

मंदिर आंदोलन से रहा है नाता

1989 में राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पहली ईंद रखने वाले कामेश्वर चौपाल का मंदिर आंदोलन से गहरा नाता रहा है। दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले चौपाल को संघ ने पहले कारसेवक का दर्जा दिया था। पहली ईंट रखने के बाद वो इतने फेमस हुए कि दो बार बिहार विधान परिषद के सदस्य भी बने। मां सीता की धरती से भी चौपाल का गहरा नाता है। उनकी पत्नी बिहा सीतामढ़ी की रहने वाली हैं जबकि कामेश्वर की कर्मभूमि मधुबनी की रही है। 

लड़ चुके हैं चुनाव
कामेश्वर चौपाल दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें दोनों मौकों पर हार का सामना करना पड़ा। पहली बार वो 1991 में लोकजनशक्ति पार्टी के मुखिया रामविलास पासवान के खिलाफ चुनाव लड़े लेकिन जीत से महरूम रह गए। वहीं दूसरी बार 2014 में बीजेपी ने उन्हें कांग्रेस नेता रंजीता रंजन के सामने उतार लोकसभा चुनाव में उतारा लेकिन वहां भी जीत नसीब नहीं हुई। अगर कामेश्वर चौपाल डिप्टी सीएम होते हैं तो फिर सुशील मोदी का पत्ता कटना तय है। 

एनडीए सरकार

आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बहुमत प्राप्त किया है और ऐसी संभावना है कि दीपावली के बाद अगले सप्ताह नई सरकार का गठन हो सकता है। जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। एनडीए ने 243 सीटों में से 125 सीटों पर कब्जा कर बहुमत हासिल कर लिया। भाजपा की 74 और जदयू की 43 सीटों के अलावा सत्तारूढ़ गठबंधन के साझेदारों में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को चार और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को चार सीटें मिलीं।

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