सवाल: CM कौन होगा? नीतीश का जवाब- मैंने दावा नहीं किया, NDA फैसला करेगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 12, 2020, 08:35 PM IST

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अभी तय नहीं हुआ है कि शपथ ग्रहण समारोह कब होगा। सीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि निर्णय एनडीए द्वारा लिया जाएगा।

सवाल: CM कौन होगा? नीतीश का जवाब- मैंने दावा नहीं किया, NDA फैसला करेगा
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि लोगों ने एनडीए को जनादेश दिया है और वह सरकार बनाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि शपथ समारोह कब होगा, दिवाली के बाद या छठ के बाद ये तय नहीं है। हम इस चुनाव के परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं। सभी चार दलों के सदस्य कल मिलेंगे। जब उनसे पूछा गया कि सीएम कौन होगा? तो उन्होंने कहा, 'मैंने कोई दावा नहीं किया है, निर्णय एनडीए द्वारा लिया जाएगा।' 

नीतीश कुमार ने इस दौरान बिना एलजेपी का नाम लिए माना कि उनके उम्मीदवारों से हमें कई सीटों पर नुकसान हुआ। बीजेपी को भी कुछ सीटों पर नुकसान हुआ, लेकिन हमें ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हमें जितना भी मौका मिला, हमने उतना काम किया। हर वर्ग के लिए काम किया गया, किसी भी उपेक्षा नहीं। काम करने के बाद भी हमारे उम्मीदवार हारते हैं तो हमें कुछ नहीं कहना।

लोजपा द्वारा कई सीटों पर जदयू को नुकसान पहुंचाए जाने की पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी को तय करना है कि लोक जनशक्ति पार्टी अब राजग का हिस्सा रहेगी या नहीं।'

इन चुनावों में जेडीयू को काफी नुकसान हुआ है। एनडीए में बीजेपी को सबसे ज्यादा 74 सीटें मिली हैं, जबकि जेडीयू को सिर्फ 43 सीटें मिली हैं। 2015 में जेडीयू को 71 सीटें मिली थी, जबकि 2010 में उसे 115 सीटें मिली थीं। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार इस प्रदर्शन के आधार पर फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे? 

नीतीश पर हमलावर बने हुए हैं तेजस्वी

इससे पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'जो डबल इंजन का चेहरा हैं और जो यह दावा किया करते थे कि इस चेहरे का कमाल है कि आरजेडी को हमने कहां से कहां पहुंचा दिया (2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में), आज देखिए यह चेहरा तीसरे नंबर पर चला गया है। नीतीश कुमार जी और भाजपा के लोग साफ तौर पर यह समझ लें, यह जो जनादेश है यह बदलाव का जनादेश है। अगर थोड़ी सी अंतरात्मा और नैतिकता नीतीश कुमार जी में बची होगी तो उन्हें जनता के फैसले का सम्मान करते हुए कुर्सी से हट जाना चाहिए। आपने तो खुद संन्यास लेने की बात कही है। अखिरी के क्षणों में कम से कम अपने मुंह पर कालिख तो मत पोतवा के जाईए।

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