Bihar Voting: 'सुशासन बाबू' की वापसी या 'तेजस्वी यादव' का लगेगा दांव, जनता करेगी फैसला,वोटिंग आज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 28, 2020, 12:21 AM IST

Bihar First Phase Voting: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के तहत आज 71 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जनता अपने वोटों से डिसाइड करेगी कि किसको सत्ता की चाबी देनी है।

Bihar Voting: 'सुशासन बाबू' की वापसी या 'तेजस्वी यादव' का लगेगा दांव, जनता करेगी फैसला,वोटिंग आज

बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव (bihar assembly election) के तहत पहले चरण की वोटिंग (voting) आज हो रही है, सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए सभी दल पूरे जी जान से जुटे हैं, चाहें वो आरजेडी हो या सत्ता पर काबिज जेडीयू चाहे बीजेपी हो या लोजपा सभी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। मगर ये जो जनता जनार्दन है जो अपने वोटों का प्रयोग कर सत्ता का सुख किसे देती है ये तो वह ही जानती है।वोटरों को लुभाने में किसी भी राजनीतिक दल ने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडी है, अब देखना है कि जनता जनार्दन किसे बिहार की सत्ता दिलाती है।

दक्षिणी बिहार और मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में 71 सीटों पर पहले दौर में वोट डाले जाएंगे। इनमें से फिलहाल 37 विधानसभा सीट राजग के पास हैं जबकि राजद के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के पास 34 सीट हैं।वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में राजग ने करीब 53 फीसदी वोट हासिल करते हुए बिहार की कुल 40 सीटों में से 39 जीती थीं जबकि विपक्षी महागठबंधन 30 फीसदी वोटों के साथ बमुश्किल एक ही सीट जीत पाया था।

 'बेरोजगारी और भ्रष्टाचार' को लेकर प्रहार ने लड़ाई को बनाया दिलचस्प

सत्तारूढ़ गठबंधन और निवर्तमान मुख्यमंत्री हालांकि 1990-2005 के बीच राजद शासन के दौरान 15 साल के ‘कुशासन’ का बार-बार जिक्र करते दिख रहे हैं लेकिन विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के नीतीश पर "बेरोजगारी और भ्रष्टाचार" को लेकर प्रहार ने इस लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है।

राज्य की 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के चुनाव के तहत आज पहले दौर का मतदान होगा। इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन में भाकपा माले सहित दो अन्य वाम दल भी शामिल हुए हैं जबकि राजग में शामिल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से नाता तोड़कर चिराग पासवान की पार्टी अकेले अपने बलबूते चुनाव मैदान में उतरी है।

मतदाताओं की संख्या 1600 से घटाकर 1000 की गई

कोविड-19 के बीच हो रहे चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने सुरक्षित मतदान के लिये दिशानिर्देश जारी किये हैं।इन दिशानिर्देशों के तहत एक मतदान केंद्र में मतदाताओं की संख्या 1600 से घटाकर 1000 कर दी गयी है। साथ ही 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिये पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है । इसके अलावा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को सेनिटाइज करना, मतदान कर्मियों के लिये मास्क और सुरक्षा सामग्री और थर्मल स्कैनर, हैंड सेनिटाइजर, साबुन और पानी उपलब्ध कराना शामिल है।

JDU 71 में से 35 सीटों पर लड़ रही चुनाव

पहले चरण में 2.14 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें से 1.01 करोड़ महिलाएं हैं और 599 तृतीय लिंगी हैं।चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में 952 पुरूष और 114 महिलाएं हैं । गया शहर सीट पर सबसे अधिक 27 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि बांका जिले की कटोरिया सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं।

पहले चरण की 71 सीटों पर हो रहे चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू 71 में से 35 सीटों पर चुनाव लड़ रही जबकि उसकी सहयोगी भाजपा 29 सीटों पर चुनावी समर में है। विपक्षी राजद 42 सीटों पर और कांग्रेस 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी 41 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जिसमें से 35 सीटें वैसी हैं जहां से जदयू चुनाव लड़ रही है।

फर्स्ट फेज़ में मंत्रिमंडल के 6 सदस्य आजमा रहे अपनी किस्मत 

पहले चरण में प्रमुख उम्मीदवारो में राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाली श्रेयसी सिंह जमुई से चुनाव मैदान में है। उनका मुकाबला राजद के विजय प्रकाश से है जो पूर्व केंद्रीय मंत्री और लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले जयप्रकाश नारायण यादव के भाई है। जमुई लोकसभा सीट से सांसद लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान हैं। वहीं, जय प्रकाश नारायण यादव की पुत्री दिव्या प्रकाश तारापुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं। पहले चरण के चुनाव में राज्य मंत्रिमंडल के छह सदस्य किस्मत आजमा रहे हैं जिसमे गया शहर से प्रेम कुमार, लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा, बांका से राम नारायण मंडल, जहानाबाद से कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, दिनारा से जयकुमार सिंह, राजपुर से संतोष कुमार निराला शामिल हैं।

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