Mumbai Building Collapse: मुंबई के मालवाणी इलाके में चॉल गिरी, 2 लोगों की मौत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 16, 2020, 08:21 PM IST

Malwani (Mumbai) Building Collapse: मुबंई में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के बाद मलाड़ के मालवणी इलाके में एक चॉल गिर गई है जिसमें दो की मौत हो गई है।

Mumbai Building Collapse: मुंबई के मालवाणी इलाके में चॉल गिरी, 2 लोगों की मौत

मुंबई: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है जिस वजह से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बीएमसी ने पहले ही लोगों को चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि जो लोग कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे हैं वो उन्हें छोड़ दें। बीएमसी की आशंका सही साबित हुई और मालवाणी इलाके में आज भारी बारिश के बाद एक दो मंजिला चॉल गिर गई जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई है और कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। हालात का जायजा लेने के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी वहां पहुंचने वाले हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी
मलाड़ के मलवाणी इलाके में हुए इस हादसे के बाद बीएमसी, फायर ब्रिग्रेड और मुंबई पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है कोशिश है कि जो लोग दब गए हैं उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस समय यह हादसा हुआ उस दौरान यहां कम से कम 10-12 लोग मौजूद थे। हादसे के बाद वहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से रेस्क्यू टीम को भी दिक्कत आ रही है। फिलहाल बचाव और राहत का कार्य जारी है।

बुधवार को गिरा था इमारत का एक हिस्सा

 इससे पहले बुधवार को ही मुंबई के ग्रांट रोड इलाके में बारिश के बाद एक तीन मंजिला पुरानी इमारत का एक हिस्सा ढह जाने से दो लोगों को मामूली चोट आई थी जबकि अन्य पांच लोगों को बचा लिया गया। बीएमसी ने बताया था कि अदनवाला इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल की दीवार गिर गई थी जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए दमकल के दो वाहन और एक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची।

भारी बारिश की चेतावनी

 मुंबई में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने बुधवार को ही कहा था कि अगले 48 घंटे के दौरान राज्य में भारी बारिश हो सकती है।बीएमसी ने कहा कि हादसे में घायल दो लोगों को पास के एचएन रिलायंस अस्पताल ले जाया गया जबकि अग्निशमन कर्मियों ने पांच अन्य लोगों को सुरक्षित निकाला। महाराष्ट्र गृह निर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) की इस इमारत में 20 परिवार रह रहे थे। सभी परिवारों को पश्चिमी उपनगर के शिविरों में शिफ्ट किया गया था।

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