World Purple Day 2023 in Hindi: 26 मार्च को दुनियभर में पर्पल डे मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मिर्गी के लिए जागरूक करना है। दुनिया भर में इस दिवस को मनाने के पीछे एक ही मकसद है, मिर्गी (Epilepsy) के प्रति लोगों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता फैलाना। पर्पल डे को Epilepsy Awareness Day के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन लोगों को मिर्गी के प्रति जागरूक करने के समर्थन में बैंगनी रंग के कपड़े पहनने और कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कहा जाता है। अमेरिका में 3.5 मिलियन से अधिक लोगों और दुनिया भर में 50 मिलियन से अधिक लोगों के मिर्गी का इलाज अब तक किया जा चुका है। मिर्गी क्या है इसके बारे में कई लोगों को मालूम नहीं। इसकी सही समझ होना बेहद जरूरी है। मिर्गी एक विकार है जिसमें मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिका गतिविधि में गड़बड़ी होती है, जो बाद में दौरे का कारण बनती है।
कैसे हुई 'पर्पल डे' की शुरुआत
'पर्पल डे' की शुरुआत कनाडा की कैसिडी मेगन ने की थी। मिर्गी के खिलाफ इस अभियान की शुरुआत 9 साल की कैसिडी मेगन ने साल 2008 को की थी। 26 मार्च 2008 को पहला पर्पल डे मनाया गया था। कैसिडी खुद इस बीमारी से जुझ रही थीं और इसके बारे में लोगों को जागरूक करना चाहती थीं इसलिए उन्होंने इस अभियान की शुरुआत की थी।इस अभियान से क्यों जुड़ा बैगनी रंग
इस अभियान से बैगनी रंग के जुड़ने की कहानी काफी दिलचस्प है। दरअसल विशेषज्ञों का दावा है कि बैगनी रंग के फूल लैवेंडर में मौजूद तत्व केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को आराम पहुंचाने का काम करता है। मिर्गी की बीमारी सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है।मिर्गी के लक्षण (Symptoms of Epilepsy in Hindi)
- शरीर में अकड़ना
- आंखों के आगे अंधेरा छा जाना
- बेहोशी
- मुंह से झाग आना
- होंठ या जीभ काट लेना
- आंखों की पुतलियों का ऊपर की तरफ खिंच जाना
- अचानक से जमीन पर गिर जाना
- दांत भिंचना
