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Women's Day: 'पुलिस वाली मैडम' के नाम से मशहूर हैं गुड्डन चौधरी, गरीब बच्चों के लिए सड़क किनारे लगाती हैं 'क्लास'

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 7, 2023, 01:55 PM IST

Police wali Madam Guddan Choudhary: समाज में ऐसी कई महिलाएं हैं जिनके कारनामे गर्व का अहसास कराते हैं। महिला दिवस (International Women's Day) पर हम आपको यूपी पुलिस की एक ऐसी महिला सिपाही के बारे में बताने जा रहे हैं जो ड्यूटी के बाद सड़क किनारे गरीब बच्चों के लिए पाठशाला लगाती हैं।

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Women's Day: 'पुलिस वाली मैडम' के नाम से मशहूर हैं गुड्डन चौधरी, गरीब बच्चों के लिए सड़क किनारे लगाती हैं 'क्लास'

Police wali Madam Guddan Choudhary story on Women's Day: समाज में ऐसी कई महिलाएं हैं जिनके कारनामे गर्व का अहसास कराते हैं। 8 मार्च को महिला दिवस (International Women's Day) है और यह दिन समाज में बदलाव लाने वाली महिलाओं के योगदान को नमन करने का है। इस महिला दिवस हम आपको यूपी पुलिस की एक ऐसी महिला सिपाही के बारे में बताने जा रहे हैं जो ड्यूटी के बाद सड़क किनारे गरीब बच्चों के लिए पाठशाला लगाती हैं। महिला सिपाही के इस काम की ना केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे प्रदेश भर में भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है।

यूपी पुलिस की महिला सिपाही गुड्डन चौधरी खुर्जा कोतवाली के थाना देहात में तैनात है और खुर्जा नगर के प्रसिद्ध देवी मंदिर मार्ग पर अस्थाई रूप से रह रहे बंजारा समाज के लोगों के बीच अपनी क्लास चलाती है। गुड्डन ऐसे बच्चों के लिए क्लास लगाती हैं जो धन और संसाधन के अभाव में स्कूल नहीं जा पाते हैं। साथ ही ज्यादा अभावग्रस्त बच्चों को अपनी सैलरी से स्टेशनरी का सामान भी लाकर देती हैं। अपने इस शानदार काम से शहर में लोग गुड्डन को पुलिस वाली मैडम के नाम से जानने लगे हैं। शहर के मंदिर मार्ग पर शाम को गुजरते हुए अक्सर आपको ये महिला सिपाही बच्चों को पढ़ती नजर आ जाएंगी।

कितनी है बच्चों की संख्या

खुर्जा नगर में पुलिस वाली मैडम के नाम से मशहूर हो चुकी महिला कांस्टेबल गुड्डन चौधरी ऐसे बच्चों का भविष्य गढ़ रही हैं जिनके परिजन अभाव के कारण अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। गुड्डन की क्लास में हर रोज आने वाले बच्चों की संख्या लगभग 30 से 40 के बीच रहती है। जहां लड़कों और लड़कियों की संख्या का अनुपात लगभग समान ही है। एक महिला आरक्षी के द्वारा किए जा रहे इस शानदार काम को देखकर बुलन्दशहर जनपद के वर्तमान SSP श्लोक कुमार ने भी पुलिस प्रशासन की ओर से गुड्डन की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।

बिजी शेड्यूल से भी समय निकालकर जाती हैं पढ़ाने

मूलतः उ0प्र0 के हाथरस जनपद की निवासी सिपाही गुड्डन चौधरी बताती है की वे 2019 से गरीब बेसहारा और सड़क किनारे रह रहे बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही हैं। गुड्डन बताती हैं कि पुलिस का काम 24 घंटे का होता है लेकिन फिर भी मैं अपने व्यस्त सेड्यूल में से रोजाना दिन भर में किसी भी समय 2 घंटे का समय निकालती हूं. और बच्चों को पढ़ाने का काम जरूर करती हूं। हमसे बात करते हुए गुड्डन का कहना था कि मेरा यह काम करने का एकमात्र उद्देश्य है कि ये गरीब बच्चे अपने जीवन में पढ़ लिखकर कुछ अच्छा कर पाएं और जिस तरह इन्हें अभाव में जीवन जीना पड़ रहा है वैसे इनकी अगली पीढ़ी को ना झेलना पड़े।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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