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मैं म‍िसेज रश्‍म‍ि शर्मा वर्मा... लेक‍िन क्‍या मेरे पत‍ि भी ऐसा ही सरनम रख पाएंगे - जया बच्‍चन के सवाल के बहाने महिलाओं की ये सोच जानें

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Aug 8, 2024, 02:43 PM IST

जया बच्चन ने अपने नाम के साथ पति अमिताभ बच्चन का नाम जोड़ने पर कड़ा एतराज क्या जताया सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि आखिर शादी के बाद महिलाओं को पति के सरनेम की क्या जरूरत है? क्या शादी के बाद लड़की का सरनेम बदलना जरूरी है? जानें क्या सोचते हैं यंगस्टर्स और सोसाइटी।

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Jaya Bachchan in parliament.

श्रीमती जया अमिताभ बच्चन...हाल ही में वेटरन एक्ट्रेस और समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने अपने नाम के साथ पति अमिताभ बच्चन का नाम जोड़ने पर कड़ा एतराज जताया। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को पति के नाम से पहचाने जाने के ट्रेंड को लेकर भी आपत्ति जताई। जया की इस नाराजगी के साथ ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि आखिर शादी के बाद महिलाओं को पति के सरनेम की क्या जरूरत है? क्या शादी के बाद लड़की का सरनेम बदलना जरूरी है? क्या ये परंपरा बन चुकी है या फिर न्यू सोशल मीडिया ट्रेंड? आज इस आर्टिकल के जरिए जानने की कोशिश करेंगे कि क्या सोचती है हमारी सोसाइटी।

Jaya Bachchan and Amitabh Bachchan

Jaya Bachchan and Amitabh Bachchan

अपने पति का सरनेम जोड़ने का इतिहास

ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे देश में कई ऐसे रिवाज हैं जिनका पालन सदियों से औरतें करती आ रही हैं। इन्हीं में से एक है शादी के बाद पति का सरनेम लगाना। हमारे देश में हमेशा से यह प्रथा रही है कि शादी के बाद लड़कियों को अपना सरनेम बदलकर पति का उपनाम लगाना पड़ता है। ये कहां से प्रारंभ हुआ, इसका कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन इसकी एक वजह ये भी मानी जाती है कि जब भी कोई लड़की शादी के बाद अपने पति का सरनेम लगाती है तभी उसे परिवार का हिस्सा माना जाता है। पुराने जमाने में पति का सरनेम लगाना एक परंपरा थी। नए जमाने में सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड चल गया है कि ज्यादातर महिलाएं शादी के बाद अपने पति का पूरा नाम जोड़ती है।

वैसे 90 के दशक तक अगर कोई मह‍िला शादी के बाद पत‍ि का सरनेम नहीं अपनाती थी तो उसे बोल्‍ड या फ‍िर संस्‍कारों का पालन न करने वाली बहू के तौर पर देखा जाता था। लेक‍िन 21वीं शताब्‍दी में वर्क‍िंग व‍िमेन कल्‍चर, तलाक के मामलों का बढ़ना और डॉक्‍युमेंट्स मेंटेन करने में आसानी होने के चलते शादी के बाद लड़क‍ियां सोशल मीड‍िया पर तो पत‍ि का नाम लगा लेती हैं लेक‍िन कागजों पर उनका शादी से पहले का नाम ही चलता रहता है।

बॉलीवुड में सरनेम का चलन

Kareena kapoor khan and saif ali khan

Kareena kapoor khan and saif ali khan

हालांक‍ि बॉलीवुड एक्‍ट्रेस खुलकर अपने नाम के साथ पत‍ि के नाम को जोड़कर चलती हैं। अगर बात बॉलीवुड एक्ट्रेसेस की करें तो कई हसीनाओं ने शादी के बाद अपने पति का सरनेम अपनाया है। करीना कपूर ने शादी के बाद करीना कपूर खान लगाया। वहीं ऐश्वर्या राय ने भी शादी के बाद अपने नाम के साथ बच्चन सरनेम ऐड किया। प्र‍ियंका चोपड़ा ने भी न‍िक जोनस का सरनेम ऐड किया। वहीं कई टॉप एक्‍ट्रेस ऐसी भी हैं ज‍िन्‍होंने नाम नहीं बदला। दीप‍िका पादुकोण, आल‍िया भट्ट, अनुष्‍का शर्मा जैसे नाम इसका उदाहरण हैं।

Deepika Padukone and Anushka Sharma

Deepika Padukone and Anushka Sharma

सोशल मीडिया पर चला चलन

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ट्रेंड चला है कि लड़कियां शादी के बाद पति का सरनेम नहीं बल्कि पूरा नाम जोड़ लेती हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों पड़ती है इसकी जरूरत। इसे लेकर जब हमने कुछ यंग लेडीज से बात की तो पता चला आपसी प्‍यार, मान और सम्‍मान के लिए वे ऐसा करती हैं। वैसे नई शादीशुदा लड़कियों में पति का नाम जोड़ने का क्रेज ज्यादा देखा गया है।

हालांकि सोशल मीडिया खंगालने से ये भी पता चलता है कि शादी में अगर थोड़ा भी मनमुटाव हो जाता है, तब महिलाएं सोशल मीडिया से अपने पति का नाम हटाने में देर नहीं करती हैं। इस तरह से वह अपने पति के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करती हैं। कई एक्ट्रेस को भी ऐसा करते देखा गया है। जिससे इस बात का आसानी से अंदाजा लगा लिया जाता है कि अमूक पति पत्नी के संबंध सही नहीं चल रहे हैं।

एक यंग कलीग ने नाम न शेयर करने की शर्त पर बताया क‍ि उसको ये देखकर दुख होता है कि 21वीं शताब्‍दी के लड़के भी भूल से भी अपनी पत्‍नी का नाम अपने नाम के साथ नहीं जोड़ते हैं। यानी टेक्‍नॉलजी भी द‍िमाग की रूढ़‍ियों को अभी तोड़ नहीं पाई है।

क्या है अनमैरिड लड़कियों की राय

What women think on adding Husbands name

What women think on adding Husbands name

पति का नाम जोड़ने वाले मुद्दे को लेकर कुछ बैंकर्स और आईटी इंडस्ट्री में काम करने वाली लड़कियों से बात की। बैंकर रूची सिंह ने बताया कि वो शादी के बाद अपना नाम बिल्कुल नहीं बदलेंगी। उनका मानना है कि वो एक स्वतंत्र लड़की हैं और मेहनत से उन्‍होंने अपनी पहचान बनाई है। प्‍यार और सम्‍मान द‍िखाने के ल‍िए उनको नाम बदलने की जरूरत तो कतई नही है। ऐसे में नाम जोड़ने की क्या जरूरत है। वहीं आईटी इंडस्ट्री में काम करने वाली रश्मि का कहना है वो भी अपने पति का नाम नहीं जोड़ेंगी। हां,अगर बात कभी इस मुद्दे को लेकर र‍िश्‍ते पर बन आई तो सोचा जा सकता है। लेक‍िन देखना ये होगा क‍ि क्‍या उस समय मेरे पत‍ि को मुझसे ज्‍यादा अपने नाम से प्‍यार होगा?

क्या है लड़कों की राय

What mens think

What mens think

हमने इस मुद्दे पर युवाओं से लेकर शादीशुदा पुरुषों से भी बात की। जिनमें से तमाम लोगों की राय लगभग एक जैसी थी। युवाओं से जब हमने पूछा कि शादी के बाद अगर उनकी पत्नी उनका नाम अपने नाम के साथ नहीं लगाना चाहती हैं तो इसपर उनकी क्या राय रहेगी। तमाम युवाओं का कहना था कि ये लड़की पर निर्भर करता है। अगर वो नाम नहीं बदलना चाहती हैं तो उनपर दबाव नहीं बना सकते हैं।

वहीं शादीशुदा मर्दों ने कहा कि लव मैरेज में ज्यादातर इस तरह की चीजें देखने को मिलती है। हालांकि उन लोगों का भी यही कहना था कि ये महिलाओं की मर्जी है कि वो अपने पति का नाम जोड़ना चाहती हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ज्यादातर महिलाएं सामाजिक दबाव में आकर ही पति का नाम जोड़ती हैं। लेकिन अब जमाना बदल रहा है। क्योंकि पहले के जमाने में जब बेटा कोई बड़ा काम करता था तो उन्हें बेटे के नाम से एक नई पहचान मिलती थी। वहीं अब बेटियों के नाम से भी पिता को नई पहचान मिल रही है।

मुश्‍किल थी नाम बदलने की प्रकिया

पहले के जमाने में जब किसी लड़की की शादी होती थी। तो उसके तुरंत बाद ही उसका नाम बदलवा दिया जाता था, क्योंकि लोगों की ऐसी मानसिकता थी कि अब वो दूसरे परिवार से जुड़ चुकी हैं तो ऐसे में उस परिवार का सरनेम होना जरूरी है। इसके लिए कोर्ट से एफिडेविट बनवाकर इसे चेंज करवा पड़ता था। इसके साथ ही अखबारों में भी इश्तिहार निकलवाना पड़ता था। आज भी नाम बदलने की लगभग यही प्रक्रिया है लेकिन ज्यादातर मिलाएं अब अपना नाम नहीं बदलती हैं। उनका ये मानना होता है कि हमारी खुद की जो पहचान बनी है उसे हम क्यों बदलें।

Ritu raj
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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