Parenting Tips: क्या आपके घर भी मेहमान आते हैं तो आपका बच्चा कुछ अटपटा सा बर्ताव करने लगता है? कोई बात न मानना, जिद पकड़ लेना, या फिर रोना-चिल्लाना शुरू कर देना... अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो समझ जाइए कि आप अकेले नहीं हैं। ज्यादातर माँ-बाप इस झंझट में फंसे रहते हैं। वहीं अगर घर पर कोई मेहमान आया है तो, मेहमानों के सामने बच्चे को डांटें भी तो शर्म आती है, और मनाएं भी तो वो सुनता ही नहीं है। ऐसे में आपको घबराना नहीं है, इस स्थिति में आपके लिए ये वाली 3 सिंपल टिप्स काम की हो सकती है। जो बिना झगड़ा, डांट के मेहमानों के सामने बच्चे की जिद और नखरों को शांति से हल कर देंगी।
अलग से ले जाकर समझाएं
जब बच्चा मेहमानों के सामने जिद पर उतर आए, तो सबसे पहले उससे सीधे झगड़ा नहीं करें या एकदम से डांटने न लग जाएं। ऐसी स्थिति में बस उसे प्यार से कहिए, 'चलो बेटा, एक मिनट मेरे साथ आओ।' उसे किसी दूसरे कमरे में ले जाकर, अकेले में प्यार से समझाना असरदार हो सकता है।
उन्हें भी करें शामिल
बच्चे अक्सर जिद करना तभी शुरू करते हैं। जब उन्हें लगता है कि मेहमानों के आने से उसकी नियमित दिनचर्या या महत्व खत्म हो गया है। ऐसे में वे अटेंशन हासिल करने के लिए जिद या अटपटा बर्ताव करने लगते हैं। ऐसे में बच्चों को भी आपकी बातचीत में शामिल करें। या किसी काम में साथ देने को कहें।
बीच का रास्ता अपनाएं
बच्चे की हर जिद के आगे झुक जाना या हर बात पर सख्त 'ना' कह देना, दोनों ही गलत हैं। ऐसी स्थिति में आप बीच का रास्ता चुन सकते हैं। बच्चे की बात या जिद समझकर उसके साथ समझौता कर लें। उनसे कहिए कि, अगर वे आपकी बात मानेंगे तो आप उनकी कोई बात मानेंगे।
मेहमानों के सामने बच्चे का जिद्दी होना कोई बड़ी बात नहीं है। बस, आपको शांत रहना है और सारी स्थिति को समझना है।
