हर समय, काल और परिस्थिति में रिश्तों की परिभाषा बदलती रही है। एक दौर था जब शादी दो लोगों के लिए सात जन्मों का रिश्ता होती थी। लेकिन अब सात जन्मों का कॉन्सेप्ट पुराना हो चुका है। अब जितनी जल्दी रिश्ते बनते हैं उससे भी जल्दी रिश्ते टूट भी रहे हैं। अब रिश्तों में विश्वास की कसौटी भी बदली है। दरअसल आजकल की रिलेशनशिप केवल दिल से ही नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया से भी जुड़ी है। आज कपल्स एक दूसरे से अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड शेयर को रिश्ते में ट्रस्ट और ट्रांसपेरेंसी मानते हैं।
पासवर्ड शेयरिंग आजकल के रिलेशनशिप की इतनी आम बात हो गई है कि अगर कोई अपने पार्टनर से अपने फोन या सोशल मीडिया अकाउंट्स पासवर्ड शेयर ना करे तो वह शक के दायरे में आ जाता है। बहुत से पार्टनर शक और इनसिक्योरिटी की वजह से पासवर्ड जानना चाहते हैं तो वहीं कुछ निगरानी रखने की नियत से पासवर्ड मांगते हैं। लेकिन यही निगरानी कई बार रिश्ते को खराब कर देती है। पासवर्ड शेयर करने में भी कुछ सावधानियां जरूर बरतनी हैं:
1. जल्दबाजी ना करें: अपने मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड शेयर करने में कोई जल्दबाजी न दिखाएं। पहले तसल्ली कर लें कि पासवर्ड जानने के पीछे आपके पार्टनर की मंशा क्या है।
2. पार्टनर को परखें: पासवर्ड शेयर करने से पहले ये परख लें कि बुरे हालात में आपका पार्टनर कैसे रिएक्ट करता है। मसलन पैसों की तंगी पर या फिर रिजेक्शन मिलने पर वह कैसे रिएक्ट करता है। इससे आपको अंदाजा मिल जाएगा कि आपको उनसे पासवर्ड शेयर करना है या नहीं।
3. पार्टनर से खुलकर बात करें: पासवर्ड शेयर करने से पहले अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। उससे पूछें कि वह आपका पासवर्ड क्यों जानना चाहता है। अगर आपको लगे कि वह आपको परखना चाहता है तो बिल्कुल भी ना बताएं। उसे समझाएं कि रिश्तों में प्राइवेसी जरूरी है।
हमेशा याद रखें कि प्यार के रिश्ते जब गहरे हो जाते हैं तो पासवर्ड शेयर करना या ना करना बहुत छोटी बात लगती है। लोग सोचते हैं कि हम कुछ गलत तो कर नहीं रहे फिर पासवर्ड क्यों छिपाएं। लेकिन बीतते समय के साथ रिलेशनशिप में एक समय आता है जब आपका पार्टनर आप के हर मैसेज या सोशल मीडिया एक्टिविटी को देखना चाहता है। कई बार यह आपकी इच्छा के विपरीत भी होगा। यही बात कई बार आपसी मनमुटाव या झगड़े को जन्म देती है। इसीलिए अपना पासवर्ड शेयर करते समय बहुत ज्यादा सोचे-समझें तभी फैसला लें।
