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Parenting: 'ना' सुनते ही रोने बिलखने लगता है बच्चा, जिद्दी बच्चों के पेरेंट्स आजमाएं ये तरीका, छूट जाएगी आदत

पेरेंट्स अपनी पेरेंटिंग में कुछ आसान बदलाव कर बच्चों के बिहेवियर में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इन तरीकों से बच्चा ना सुनना सीखेगा और अपने जिद करने की आदत को भी धीरे-धीरे छोड़ देगा।

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No सुनते ही रोने बिलखने लगता है बच्चा, पेरेंट्स अपनाकर देखें ये तरीका (Photo: iStock)

Parenting Tips: बहुत से पेरेंट्स की ये शिकायत रहती है कि उनका बच्चा बहुत जिद्दी होता जा रहा है। वह जिस चीज की जिद पकड़ कर बैठ जाए तो वह उसे मनवा कर ही दम लेता है। एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि कुछ बच्चों में ना सुनने की बिल्कुल भी सहनशक्ति नहीं होती। हालांकि ये कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका कोई समाधान ना हो। ऐसे बच्चों के माता-पिता अपनी पेरेंटिंग शैली में थोड़ा बदलाव लाकर इस समस्या से पार पा सकते हैं। यहां हम कुछ तरीके बता रहे हैं जिसे अपना कर आप बच्चों में ना सुनने की क्षमता का विकास कर सकते हैं:

1. तुरंत पूरी ना करें डिमांड

बच्चे के रोने या जिद करने पर अगर आप तुरंत उसकी मांग पूरी कर देते हैं तो यह आदत तुरंत छोड़ दें। क्योंकि आपका ऐसा करना उसकी सहनशीलता को कम करता है और ना सुनने की आदत नहीं डेवलप हो पाती है।

2. ‘ना’ कहने में रहें बिंदास

बच्चे को किसी बात के लिए मना करने पर अगर आप खुद को दोषी महसूस करते हैं तो यह आदत भी छोड़ दें। यही आपरे पेरेंटिंग की परीक्षा है। बच्चे का यह समझाना जरूरी है कि हर बात ‘हां’ नहीं हो सकती।

3. हर बार ना दें लॉजिक

हर बार बच्चों को ना कहने के पीछे को लॉजिक उन्हें समझाने की जरूरत नहीं होती। इससे बच्चा कुतर्क करना सीखता है और परेशानी और बढ़ सकती है। कई बार सीधा और सख्त ‘No’ भी पर्याप्त होता है।

4. दिल से नहीं दिमाग से सोचें

बच्चा रोकर या गुस्सा होकर अपनी जिद आपके सामने रखता है तो आपको पिघलना नहीं है। उसके व्यवहार को सुधारें। उसे एहसास कराएं कि इन सब हरकतों से आपको कोई फर्क नहीं पड़ता।

5. बदलें बॉन्डिंग बढ़ाने का तरीका

बहुत से पेरेंट्स बच्चे से इमोशनल बॉन्डिंग को जाहिर करने के लिए उन्हें गिफ्ट्स देते हैं। ऐसा ना करें। उसके साथ समय बिताएं और बातें करें। तभी वह ‘ना’ को बेहतर ढंग से समझना और स्वीकारना सीख पाएगा।

पेरेंट्स अपनी पेरेंटिंग में ये कुछ आसान बदलाव कर बच्चों के बिहेवियर में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इन तरीकों से बच्चा ना सुनना सीखेगा और अपने जिद करने की आदत को भी धीरे-धीरे छोड़ देगा।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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