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केरलम के नए CM की 'कमजोरी' है मंबाझा पुलिसेरी, खूब पसंद करते हैं वीडी सतीशन, जानिए क्या है खास

Keralam CM VD Satheesan: इस रिपोर्ट में वीडी सतीशन ने खुद बताया कि वह यूं तो बहुत कम चावल खाते हैं लेकिन साथ में मंबाझा पुलिसेरी हो तो फिर वह खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाते।

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केरलम के सीएम वीडी सतीशन की फेवरेट डिश है मंबाझा पुलसेरी (AI Image)

Keralam CM VD Satheesan: कांग्रेस नेता वीडी सतीशन केरलम के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। आज 18 मई को सतीशन ने राहुल गांधी की मौजदूगी में सीएम पद की शपथ ली। कोच्चि के पास नेटूर में जन्मे सतीशन राज्य के 13वें मुख्यमंत्री बने हैं। कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI से अपने पॉलिटिकल करियर का आगाज करने वाले सतीशन खाने और खिलाने के भी बड़े शौकीन हैं। खाने में उन्हें केरलम की ट्रेडिशनल मंबाझा पुलिसेरी खूब पसंद है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मंबाझा पुलिसेरी उनकी 'कमजोरी' है। इस रिपोर्ट में वीडी सतीशन ने खुद बताया कि वह यूं तो बहुत कम चावल खाते हैं लेकिन साथ में मंबाझा पुलिसेरी हो तो फिर वह खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाते। बचपन से ही केरलम की इस डिश का स्वाद वीडी सतीशन की जुबान पर चढ़ा हुआ है।

रिपोर्ट में वीडी सतीशन ने बताया था कि मेरी मां मंबाझा पुलिसेरी को चंद्रकरण आम से बनाती थीं। मेरे घर में ये आम खूब होते थे। पुलिसेरी बनाने के लिए यही सबसे अच्छी किस्म है। बचपन से ही यह मेरी कमजोरी रही है। मेरी मां जब यह एक बार बनाती तो इसे कम से कम दो दिन तक रखती थीं।

वीडी सतीशन की ही तरह ही लाखों मलयाली परिवारों के लिए मंबाझा पुलिसेरी बचपन की यादों, दादी-नानी की रसोई और मां के हाथों के स्वाद से जुड़ी है। तभी तो जब भी केरल के पारंपरिक व्यंजनों की बात होती है तो मंबाझा पुलिसेरी का नाम सबसे पहले आता है। हिंदी पट्टी वालों को यह नाम सुनने में भले ही थोड़ा अलग लगे, लेकिन इसका स्वाद ऐसा है जो पहली ही बार में दिल जीत लेता है। पके हुए मीठे आम, हल्की खट्टी दही और नारियल के मसालों से बनने वाली इस डिश में केरलम की पूरी संस्कृति समाई है।

क्या है मंबाझा पुलिसेरी?

मलयालम में मंबाझा आम को कहते हैं और पुलिसेरी कहते हैं दही वाली करी को। मंबाझा पुलिसेरी ऐसी करी है जिसमें पके हुए आमों को दही और नारियल के साथ पकाया जाता है। इसका स्वाद मीठा, खट्टा और हल्का मसालेदार होता है। इसे चावल के साथ मेन कोर्स की तरह खाया जाता है। केरलम में गर्मियों और मानसून के मौसम में यह डिश खास तौर पर बनाई जाती है। दरअसल यही समय होता है जब राज्य में आम भरपूर होता है।

आम और दही से बनने वाली पारंपरिक डिश है मंबाझा पुलिसेरी

आम और दही से बनने वाली पारंपरिक डिश है मंबाझा पुलिसेरी

हमेशा से केरलम के घरों में आम और नारियल के पेड़ होना आम बात है। हमेशा से गर्मियों में जब आमों की भरमार होती थी, तब लोगों ने उन्हें अलग-अलग तरीकों से खाने की परंपरा विकसित की। मंबाझा पुलिसेरी को भी उसी परंपरा का हिस्सा माना जाता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली लगभग हर चीज- आम, नारियल, दही और करी पत्ता, केरलम के घरों में आसानी से मिल जाती थी।

ऐसा माना जाता है कि यह डिश नायर और ब्राह्मण समुदायों की पारंपरिक रसोई से लोकप्रिय हुई। धीरे-धीरे यह पूरे केरल में पसंद की जाने लगी।

कैसे बनती है यह खास डिश?

मंबाझा पुलिसेरी बनाने के लिए छोटे पके हुए आम सबसे अच्छे माने जाते हैं। पहले आमों को हल्दी और थोड़े पानी के साथ पकाया जाता है। इसके बाद नारियल, जीरा और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार किया जाता है, जिसे आम में मिलाया जाता है।

फिर इसमें फेंटा हुआ दही डाला जाता है। ध्यान रखा जाता है कि दही डालने के बाद करी को ज्यादा न उबाला जाए, वरना दही फट सकता है। आखिर में नारियल तेल में सरसों, मेथी, करी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाया जाता है। यही तड़का इस डिश को उसकी असली स्वाद देता है

बहुत खास है मंबाझा पुलिसेरी की रेसिपी

बहुत खास है मंबाझा पुलिसेरी की रेसिपी

क्यों खास है मंबाझा पुलिसेरी का स्वाद

मंबाझा पुलिसेरी की सबसे बड़ी खासियत इसके बैलेंस्ड टेस्ट में ही है। इसमें आम की मिठास, दही की खटास और नारियल का क्रीमी टेक्सचर एक साथ मिलकर ऐसा स्वाद बनाते हैं जो लंबे समय तक बना रहता है।

करी में आम को पूरा डाला जाता है, जिससे पकने के बाद उसका रस ग्रेवी में घुल जाता है। ऊपर से सरसों, करी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का तड़का इसकी खुशबू को और भी खास बना देता है।

केरल के कई घरों में यह डिश त्योहारों, खासकर ओणम साद्या का हिस्सा होती है। केले के पत्ते पर परोसी जाने वाली साद्या में पुलिसेरी का स्वाद बाकी व्यंजनों के बीच अलग ही समां बांधता है।

गर्मी में शरीर को ठंडा भी रखती है ये डिश

मंबाझा पुलिसेरी ऐसी डिश भी है जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने मदद करती है। आम, दही और नारियल मिलकर ऐसा जादू बिखेरते हैं कि गर्मी और लू शरीर को नहीं छूती। शायद यही वजह है कि केरलम में इसे गर्मियों के भोजन का अहम हिस्सा माना जाता है।

आज मंबाझा पुलिसेरी का स्वाद केरलम की सीमा तोड़ बाहर निकल चुका है। देश के अलग-अलग हिस्सों के फूड ब्लॉगर्स और शेफ इसे नए अंदाज में पेश कर रहे हैं। कुछ लोग इसमें अनानास या दूसरे फलों का इस्तेमाल भी करते हैं। हालांकि पारंपरिक स्वाद के प्रेमी मानते हैं कि असली मजा छोटे मीठे आमों और नारियल तेल के तड़के में ही है। और यही वजह है कि एक बार इसे खाने के बाद लोग इसके स्वाद को लंबे समय तक भूल नहीं पाते।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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