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Malaria in Cities: क्या मलेरिया सिर्फ गांवों की बीमारी है, शहरों में भी कैसे तेजी से बढ़ रहा खतरा, डॉक्टर से जानिए

Malaria in Cities: एक समय था जब मलेरिया को गांवों की बीमारी माना जाता था, लेकिन क्या आज के समय में ऐसा है? एक्सपर्ट की मानें तो अब शहरों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

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शहरों में भी कैसे बढ़ रहा मलेरिया का रिस्क

Malaria in Cities: आज भी बहुत से लोग मानते हैं कि मलेरिया सिर्फ गांवों में होने वाली बीमारी है। लेकिन अब यह सोच सही नहीं है। बारिश का मौसम आते ही बड़े-बड़े शहरों में भी मलेरिया के मामले बढ़ने लगते हैं। घर के बाहर या छत पर जमा पानी, कूलर, गमले और निर्माण वाली जगहों पर भरा पानी मच्छरों के पनपने की बड़ी वजह बन जाता है। ऐसे में शहर में रहने वाले लोग भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए तो यह बीमारी किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि मलेरिया क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

अब सिर्फ गांव नहीं शहर भी हैं खतरे में

पहले मलेरिया को गांवों से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। शहरों में तेजी से हो रहे निर्माण कार्य, खाली प्लॉट, कूलर और पानी की टंकियों में जमा पानी मच्छरों के लिए अच्छी जगह बन जाते हैं। बारिश के दौरान यही मच्छर तेजी से बढ़ते हैं और बीमारी फैलाने लगते हैं। इसलिए शहर में रहने वाले लोगों को भी उतनी ही सावधानी रखने की जरूरत है।

डॉक्टर क्या कहते हैं

सीनियर फिजिशियन और इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. मोहित शर्मा (अमृता अस्पताल, फरीदाबाद) के अनुसार, मलेरिया फैलाने वाले मच्छर सिर्फ गांवों में ही नहीं, बल्कि शहरों में भी आसानी से पनप सकते हैं। उनका कहना है कि अगर घर या आसपास कहीं भी कई दिनों तक पानी जमा रहता है, तो मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। इसलिए साफ-सफाई और पानी जमा न होने देना सबसे जरूरी बचाव है।

इन लक्षणों को हल्के में न लें

अगर बार-बार तेज बुखार आए, ठंड लगकर कंपकंपी हो, सिर और शरीर में दर्द हो, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो या पसीना आए, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। समय पर इलाज शुरू हो जाए तो बीमारी जल्दी ठीक हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए

छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में मलेरिया ज्यादा गंभीर हो सकता है। इसलिए इन लोगों को बारिश के मौसम में खास ध्यान रखना चाहिए। बुखार होने पर खुद दवा लेने की बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है।

थोड़ी सी सावधानी बड़ा बचाव

मलेरिया से बचना मुश्किल नहीं है। बस घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी समय-समय पर बदलें, पानी की टंकी ढककर रखें और शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। याद रखें, मलेरिया अब सिर्फ गांवों की नहीं, शहरों की भी बीमारी बनता जा रहा है। थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को इस बीमारी से सुरक्षित रख सकती है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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