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Haar Jeet Shayari: सब जीतने की जिद पे यहां हारने लगे, सदियों से कोई शख्स सिकंदर नहीं हुआ.., पढ़ें हार जीत पर शायरी

Haar Jeet Par Shayari (हार जीत शायरी हिंदी 2 लाइन): बिहार चुनावों के नतीजों (Bihar Elections Results 2025) में कोई हारा तो कोई जीता। हार जीत जीवन का हिस्सा हैं। हार से हौसले को टूटने नहीं देना चाहिए। वहीं जीत का ताज तो पहनें लेकिन सिर पर उसका भूत ना सवार होने दें। यही बातें शायरों ने खूबसूरत शेर के जरिए भी बताई हैं। तो आइए बिहार चुनाव नतीजों (Bihar Chunav Result) के बीच पढ़े हार जीत पर शायरी:

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Bihar Election Final Results के बीच पढ़ें हार जीत पर शायरी (Photo: iStock)

Haar Jeet Shayari in Hindi: शुक्रवार 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे आए। चुनाव में किसी की जीत हुई तो किसी के खाते में हार आई। जीत का जश्न मनाया जा रहा है। वहीं जो लोग हार गए हैं उनमें मायूसी नजर आ रही है। हालांकि ऐसा होना चाहिए। जीवन में जीत हार लगी रहती है। जरूरी है हार से मिले सबक को याद रखें और अगली बार और भी मजबूती से मैदान में उतरें। इसी हार जीत पर कई शायरों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन शेर लिखे हैं। ये शेर ना सिर्फ आपके हार के गम को कम करेंगे बल्कि फिर से उठ खड़े होने का हौसला भी देते हैं। आइए पढ़ें हार जीत पर शायरी हिंदी में:

1. इसी होनी को तो क़िस्मत का लिखा कहते हैं

जीतने का जहां मौक़ा था वहीं मात हुई

- मंज़र भोपाली

2. हार को जीत के इम्कान से बांधे हुए रख

अपनी मुश्किल किसी आसान से बांधे हुए रख

- अज़लान शाह

3. जीत की और न हार की ज़िद है

दिल को शायद क़रार की ज़िद है

- अलीना इतरत

4. मिलों के शहर में घटता हुआ दिन सोचता होगा

धुएं को जीतने वालों का सूरज दूसरा होगा

- फ़ज़्ल ताबिश

5. मैं तो बाज़ी हार कर बे-फ़िक्र हो कर चल दिया

जीतने वालों को चसका लग गया अच्छा नहीं

- वफ़ा सिद्दीक़ी

6. सब जीतने की ज़िद पे यहां हारने लगे

सदियों से कोई शख़्स सिकंदर नहीं हुआ

- वफ़ा नक़वी

7. उलझनें इतनी थीं मंज़र और पस-मंज़र के बीच

रह गई सारी मसाफ़त मील के पत्थर के बीच

- हुसैन ताज रिज़वी

8. वो इस कमाल से खेला था इश्क़ की बाज़ी

मैं अपनी फ़तह समझता था मात होने तक

- ताजदार आदिल

9. हाथ आई हुई बाज़ी पे बहुत नाज़ न कर

जीतने वाले तुझे मात भी हो सकती है

- मासूम अंसारी

10. सूरज से जंग जीतने निकले थे बेवक़ूफ़

सारे सिपाही मोम के थे घुल के आ गए

- राहत इंदौरी

11. जीतने का न कोई शौक़ न तौफ़ीक़ हमें

लेकिन इस तरह तो हारे भी नहीं जा सकते

- फ़रहत एहसास

12. मैं क़त्ल हो के ज़माने में सरफ़राज़ रहा

कि मेरी जीत का पहलू भी मेरी हार में था

- गुहर खैराबादी

13. हमेशा ये ही तो होता रहा है मेरे अज़ीज़

किसी की जीत तो कोई किसी से हार गया

- नज़ीर मेरठी

14. जुगनुओं ने फिर अँधेरों से लड़ाई जीत ली

चाँद सूरज घर के रौशन-दान में रक्खे रहे

- राहत इंदौरी

15. मैदां में हार जीत का यूं फ़ैसला हुआ

दुनिया थी उन के साथ हमारा ख़ुदा हुआ

- जमील मलिक

16. जीत और हार का इम्कान कहाँ देखते हैं

गाँव के लोग हैं नुक़सान कहाँ देखते हैं

-राना आमिर लियाक़त

17. हम हार गए तुम जीत गए हम ने खोया तुम ने पाया

इन छोटी छोटी बातों का हम कोई ख़याल नहीं करते

-वाली आसी

18. उल्फ़त में हार जीत का लगता नहीं पता

वो शर्त जो लगी भी नहीं थी लगी रही

- सौलत ज़ैदी

उम्मीद करते हैं कि हार जीत पर लिखे ये शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। अगर पसंद आए हों तो हार जीत पर शायरी को आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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