Gas bachane ka tareeka (रसोई गैस कैसे बचाएं), How to save gas in kitchen: मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात का असर भारत में भी दिख रहा है। कुछ शहरों में LPG गैस की सप्लाई कम हो रही है। ऐसे में गैस की बचत करना बहुत जरूरी हो गया है। एलपीजी गैस सिलेंडर हर घर की रसोई का अहम हिस्सा है, लेकिन घर के रोज के कामों की वजह से यह जल्दी खत्म हो जाता है। कई बार हमारी छोटी-छोटी किचन की आदतें भी गैस ज्यादा खर्च कर देती हैं। अगर हम अपनी रसोई में कुछ आसान बदलाव कर लें, तो गैस की खपत कम की जा सकती है और सिलेंडर ज्यादा दिनों तक चल सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 8 आसान आदतें, जिनसे आप गैस बचा सकते हैं।
रसोई में गैसे कैसे बचाएं
1. दाल, बीन्स और चावल को पहले भिगोएं
दाल, चावल, छोला या राजमा जैसी चीजें बनाने के लिए गैस पर रख देते हैं तो उसे पकने में वक्त लगता है। अगर आप इन अनाजों को पकाने से कम से कम 2 से 4 घंटे पहले पानी में भिगो कर रख दें, तो ये आधे से भी कम समय में पक जाते हैं। भीगने की वजह से अनाज के दाने मुलायम हो जाते हैं, जिससे उन्हें गलने में कम हीट की जरूरत पड़ती है। और पकाने का समय लगभग 30–50% तक कम हो जाता है।
2. सही बर्नर का करें इस्तेमाल
गैस की बचत के लिए हमेशा सही साइज के बर्नर का ही इस्तेमाल करें और एक साथ कई बर्नर का यूज न करें। छोटे बर्तन के लिए छोटा बर्नर और बड़े बर्तन के लिए बड़ा बर्नर ही चुनें। अगर छोटा बर्तन बड़े बर्नर पर रखा हो, तो गैस की गर्मी बाहर निकल जाती है। इसलिए हमेशा बर्नर के हिसाब से बर्तन का आकार चुनें।
3. बर्तन को ढककर खाना पकाएं
अगर आप कड़ाही या पैन में कुछ पका रहे हैं, तो उसे हमेशा एक सही फिटिंग वाले ढक्कन से ढककर रखें। ढक्कन लगाने से बर्तन के अंदर गर्मी बनी रहती है और खाना जल्दी तैयार होता है। इससे गैस की खपत कम होती है।
4. पहले से तैयारी कर लें
कुछ लोग गैस जलाकर कढ़ाई या बर्तन चढ़ा देते हैं और साथ में सब्जी काटते या मसाला तैयार करते रहते हैं। खाना बनाने से पहले सारी सब्जियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें। छोटे टुकड़ों में ज्यादा सतह होती है, जिससे वे जल्दी गर्मी पकड़ते हैं और जल्दी पक जाते हैं। इससे खाना बनने का समय कम होता है और गैस की बचत होती है।
5. प्रेशर कुकर का करें ज्यादा इस्तेमाल
कई लोग आज भी खुले बर्तनों, कड़ाही या पतीले में खाना पकाना पसंद करते हैं। खुले बर्तन में खाना पकाने से भाप उड़ जाती है और खाने को पकने में बहुत ज्यादा समय लगता है। वहीं प्रेशर कुकर भाप को बाहर नहीं निकलने देता, जिससे अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता है और खाना बहुत जल्दी पक जाता है। इसलिए दाल, चावल और सब्जियां प्रेशर कुकर में पकाने से गैस की बचत होती है।
6. बर्नर की सफाई रखें
अक्सर खाना बनाते समय चाय, दूध या दाल उबलकर गैस के बर्नर पर गिर जाती है। धीरे-धीरे यह गंदगी बर्नर के छोटे-छोटे छेदों को बंद कर देती है। जब बर्नर के छेद ब्लॉक हो जाते हैं, तो गैस सही तरीके से बाहर नहीं आ पाती। इससे गैस ज्यादा खर्च हो सकती है। इसलिए बर्नर की नियमित सफाई करना जरूरी है। इसकी सबसे बड़ी पहचान गैस की लौ फलेम का रंग है ।अगर आपके गैस चूल्हे की लौ का रंग एकदम नीला हो रहा है, तो इसका मतलब है कि गैस पूरी तरह से जल रही है और कोई बर्बादी नहीं हो रही है। लेकिन अगर लौ का रंग पीला, संतरी या लाल दिखाई दे रहा है, तो समझ जाइए कि बर्नर गंदा है और गैस की बहुत बर्बादी हो रही है।
7. गैस थोड़ी पहले बंद कर दें
चावल, दाल और पास्ता जैसे खाने को पकाते समय गैस को 2–3 मिनट पहले ही बंद कर दें। इसके बाद भी बर्तन की बची हुई गर्मी से आपका खाना पकता रहता है। इससे गैस की बचत होती है और खाना भी सही तरह से पक जाता है।
8. सही बर्तन का चुनाव
बर्तन के साइज का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। छोटे बर्नर पर बहुत बड़ा बर्तन या बड़े बर्नर पर बहुत छोटा बर्तन रखने से गैस बर्बाद होती है। हमेशा ध्यान रखें कि गैस की लौ बर्तन के निचले वाले हिस्से के बराबर ही हो। वह बर्तन के किनारों से बाहर नहीं आनी चाहिए। चौड़े तले वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें, यह आंच को बराबर फैलाता है और गैस बचाने में मदद करता है।
इस पर भी दें ध्यान
गैस बचाने के लिए पानी उबालने में इलेक्ट्रिक केतली का इस्तेमाल करें, क्योंकि यह जल्दी और कम बिजली में आपका काम कर देगी। साथ ही, एक ही दिन में बार -बार चावल दाल बनाने से बचें। और एक बार में ज्यादा मात्रा में खाना जैसे चावल, दाल और बीन्स पका लें । फिर उसे कई बार के खाने के लिए इस्तेमाल करें। इससे आपका एक ही बार की गैस में ज्यादा भोजन तैयार हो जाएगा। और गैस की अच्छी बचत होगी।
यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।
