Weak Immunity In Children: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा हमेशा हंसता-खेलता और स्वस्थ रहे। लेकिन कई बार बच्चा बिना कुछ कहे अंदर ही अंदर किसी परेशानी से जूझ रहा होता है। वह स्कूल जाता है, घर आता है और सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन उसके मन में क्या चल रहा है, यह हर बार समझ पाना आसान नहीं होता। अगर बच्चा पहले की तरह खुश नहीं रहता, छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाता है, ठीक से नहीं खाता या उसकी नींद बिगड़ने लगे, तो इसे सिर्फ बच्चों की शरारत या मूड समझकर टालना सही नहीं है। हेल्थ इन्फ्लूएंसर डॉ. जमाल ए. खान (एमबीबीएस, एमडी और कैंसर इम्यूनोथेरेपिस्ट) के अनुसार, बच्चे का मन जितना स्वस्थ रहेगा, उसकी इम्यूनिटी (child immunity) भी उतनी ही बेहतर रहेगी।
सिर्फ शरीर नहीं बच्चे का मन भी होना चाहिए स्वस्थ
डॉ. जमाल ए. खान बताते हैं कि बच्चे की सेहत सिर्फ अच्छे खाने या दवा पर निर्भर नहीं करती। उसका मन भी उतना ही अहम होता है। अगर बच्चा लगातार डर, तनाव या किसी दबाव में रहता है, तो इसका असर धीरे-धीरे उसकी पूरी सेहत पर पड़ सकता है। इसलिए माता-पिता को सिर्फ बुखार या खांसी ही नहीं, बल्कि बच्चे के व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए।
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स्कूल की हर बात बच्चा घर आकर नहीं बताता
कई बार बच्चे स्कूल में ऐसी बातें झेलते हैं, जिन्हें वे घर आकर बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। कुछ बच्चों के साथ दूसरे बच्चे बुरा व्यवहार करते हैं या उनका मजाक उड़ाते हैं। ऐसे बच्चे बाहर से सामान्य दिख सकते हैं, लेकिन अंदर से परेशान होते हैं। यही वजह है कि माता-पिता को रोज थोड़ा समय निकालकर बच्चे से प्यार से बात करनी चाहिए, ताकि वह खुलकर अपनी बातें बता सके।
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नींद, भूख और व्यवहार में बदलाव को हल्के में न लें
अगर बच्चा पहले की तरह खाना नहीं खा रहा, रात में ठीक से नहीं सो रहा, जल्दी गुस्सा हो जाता है या अकेले रहने लगा है, तो यह सिर्फ आदत का बदलाव नहीं भी हो सकता। डॉ. खान के मुताबिक, लंबे समय तक तनाव रहने से बच्चे की सेहत पर असर पड़ सकता है और शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत भी कमजोर होने लगती है।
हर बच्चे को एक जैसा बनने की जरूरत नहीं
हर बच्चा अलग होता है। कोई पढ़ाई में अच्छा होता है, तो कोई खेल या दूसरी गतिविधियों में। अगर बच्चे पर हर समय अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव बनाया जाए या उसकी तुलना दूसरे बच्चों से की जाए, तो वह मानसिक दबाव महसूस करने लगता है। यही दबाव आगे चलकर उसकी सेहत पर भी असर डाल सकता है। इसलिए बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए।
बच्चे को सबसे ज्यादा जरूरत होती है आपके साथ की
डॉ. जमाल ए. खान का कहना है कि बच्चों को सिर्फ अच्छा खाना और अच्छी पढ़ाई ही नहीं, बल्कि माता-पिता का समय, प्यार और भरोसा भी चाहिए। जब बच्चा घर में सुरक्षित और खुला माहौल महसूस करता है, तो वह अपनी परेशानियां भी आसानी से बता देता है। अगर आपको बच्चे के व्यवहार, नींद, खाने की आदत या स्वभाव में लगातार बदलाव दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा। समय रहते उठाया गया एक छोटा कदम बच्चे की बेहतर सेहत की बड़ी वजह बन सकता है।
