Quote of the day, Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में सफलता के कई गूढ़ रहस्य बताए हैं। चाणक्य की नीतियां आज भी जीवन में सफलता पाने का मजबूत आधार मानी जाती हैं। चाणक्य नीति में साफ कहा गया है कि अगर व्यक्ति कुछ मूल सिद्धांतों को अपनाए, तो वह अपने जीवन को सही दिशा दे सकता है और सफलता की ओर तेजी से बढ़ सकता है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है- डर। चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति इन दो चीजों से डरता है, वह जीवन में कभी बड़ी सफलता नहीं हासिल कर सकता। ये दो चीजें हैं:
1. आलोचना से डरना
चाणक्य के अनुसार, आलोचना से डरने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ पाता। जब आप कुछ नया और बड़ा करने की कोशिश करते हैं, तो लोग आलोचना जरूर करते हैं। चाणक्य कह गए हैं कि जो व्यक्ति दूसरों की आलोचना से प्रभावित हो जाता है, वह अपना लक्ष्य कभी पूरा नहीं कर पाता।
सफल लोग आलोचना को नजरअंदाज कर देते हैं या उससे सीख लेते हैं। लेकिन जो डर जाते हैं, वे बीच रास्ते में ही रुक जाते हैं। चाणक्य नीति की सलाह है कि आलोचना सुनो, लेकिन उस पर प्रतिक्रिया मत दो। अपनी राह पर चलते रहो।
Read Also: घर के मुखिया में जरूर होनी चाहिए ये 5 आदतें
2. असफलता से डरना
चाणक्य असफलता को सीढ़ी मानते थे। वे कहते थे कि जो असफलता से डरता है, वह कभी नया प्रयोग नहीं कर पाता। असफलता से डरने वाला व्यक्ति हमेशा सुरक्षित रास्ता चुनता है, जिससे वह औसत जीवन जीता रह जाता है।
चाणक्य नीति में बार-बार कहा गया है असफलता से सीखो, लेकिन कभी हार मत मानो। असफलता हमें सिखाती है कि कहां गलती हुई और अगली बार कैसे बेहतर किया जा सकता है।
सफलता के लिए क्या कहती है चाणक्य नीति
- आलोचना को ईंधन बनाओ, रुकावट नहीं।
- असफलता को सबक मानो, अंत नहीं।
- लोगों की राय से ज्यादा अपने लक्ष्य पर भरोसा रखो।
- जो काम तुम्हें सही लगता है, उसे बिना डरे शुरू कर दो।
आज सामाजिक दबाव के कारण लोग आलोचना और असफलता से बहुत डरते हैं। नतीजा यह होता है कि वे नया बिजनेस शुरू नहीं करते, नई स्किल नहीं सीखते और अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। चाणक्य की नीति आज भी यही कहती है कि इन दो डरों से मुक्त हुए बिना कोई भी व्यक्ति सच्ची सफलता नहीं पा सकता।
