Barsaat Shayari in Hindi (रिमझिम बारिश शायरी): बरसात सिर्फ बादलों का बरसना नहीं, ये तो दिल की भीगती तन्हाइयों का मौसम है। जब पहली बूंद जमीन को छूती है तो हवा में घुल जाती है मिट्टी की वो सोंधी खुशबू, जो बचपन की गलियों, छत पर रखे खाली मग और मां की पुकार को फिर से जिंदा कर देती है। कभी खिड़की के शीशों पर उंगलियों से बनी तस्वीरें तो कभी भीगे पत्तों की खामोशी, बारिश हर बार कोई नई कविता लिखती है। इसी बरसात पर कई मशहूर शायरों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन शायरी लिखी है। आइए पढ़ते हैं बरसात पर मशहूर शायरों के कुछ जबरदस्त शेर:
Barish Shayari 2 line | Barsaat Shayari on life
1. अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है
जाग उठती हैं अजब ख़्वाहिशें अंगड़ाई की
- परवीन शाकिर
2. दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था
- क़तील शिफ़ाई
3. टूट पड़ती थीं घटाएं जिन की आंखें देख कर
वो भरी बरसात में तरसे हैं पानी के लिए
- सज्जाद बाक़र रिज़वी
4. बरसात के आते ही तौबा न रही बाक़ी
बादल जो नज़र आए बदली मेरी नीयत भी
- हसरत मोहानी
Barsaat Shayari in Hindi text
5. आंखों से मोहब्बत के इशारे निकल आए
बरसात के मौसम में सितारे निकल आए
- मंसूर उस्मानी
6. आंख भर आई किसी से जो मुलाक़ात हुई
ख़ुश्क मौसम था मगर टूट के बरसात हुई
- मंज़र भोपाली
7. बता ऐ अब्र मुसावात क्यूं नहीं करता
हमारे गांव में बरसात क्यूं नहीं करता
- तहज़ीब हाफ़ी
8. यूं बरसती हैं तसव्वुर में पुरानी यादें
जैसे बरसात की रिम-झिम में समां होता है
- क़तील शिफ़ाई
9. बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
- निदा फ़ाज़ली
10. गर कभी रोना ही पड़ जाए तो इतना रोना
आ के बरसात तिरे सामने तौबा कर ले
- मुनव्वर राना
Barsaat Shayari Love
11. भीगी मिट्टी की महक प्यास बढ़ा देती है
दर्द बरसात की बूंदों में बसा करता है
- मरग़ूब अली
12. हम तो समझे थे कि बरसात में बरसेगी शराब
आई बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया
- सुदर्शन फ़ाकिर
13. बरसात थम चुकी है मगर हर शजर के पास
इतना तो है कि आप का दामन भिगो सके
- अहसन यूसुफ़ ज़ई
14. धूप में कौन किसे याद किया करता है
पर तिरे शहर में बरसात तो होती होगी
- अमीर इमाम
15. लगी रहती है अश्कों की झड़ी गर्मी हो सर्दी हो
नहीं रुकती कभी बरसात जब से तुम नहीं आए
- अनवर शऊर
Barsaat Shayari 2 line | बरसात शायरी 2 लाइन
16. कब से टहल रहे हैं गरेबान खोल कर
ख़ाली घटा को क्या करें बरसात भी तो हो
- आदिल मंसूरी
17. घटा देख कर ख़ुश हुईं लड़कियां
छतों पर खिले फूल बरसात के
- मुनीर नियाज़ी
18. अब के सावन में शरारत ये मिरे साथ हुई
मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई
- गोपालदास नीरज
19. रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गया हूं
- बाक़ी सिद्दीक़ी
रिमझिम बारिश शायरी | पहली बारिश शायरी
20. हैं पत्थरों की ज़द पे तुम्हारी गली में हम
क्या आए थे यहां इसी बरसात के लिए
- अनवर शऊर
21. छुप के रोता हूं तिरी याद में दुनिया भर से
कब मिरी आंख से बरसात नहीं होती है
- शकील बदायूनी
बता दें कि चाय की चुस्कियों के साथ बातचीत या रिमझिम में सुनाई देती कोई पुरानी धुन, बरसात की हर बूंद एक एहसास है, हर बूंद एक कहानी है। बरसात में सिर्फ तन नहीं भीगता, मन भी भीगता है। यादों में, प्रेम में और कविता में।
