इन दिनों बिहार अपने विधानसभा चुनाव के कारण सुर्खियों में है। यह राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीन इतिहास और विशिष्ट परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। धार्मिक दृष्टि से भी बिहार का विशेष महत्व है। यहां स्थित कई पवित्र नगरी हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। साथ ही, विदेशी पर्यटकों के बीच भी यह राज्य अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए लोकप्रिय है। (फोटो: Canva)
प्राचीन काल में बिहार को ‘मगध’ नाम से जाना जाता था, जो भारत के सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था। इसकी ऐतिहासिक राजधानी ‘पाटलिपुत्र’ थी, जिसे आज हम ‘पटना’ के नाम से जानते हैं। देश के विभिन्न राज्यों में बिहार मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करते हुए भारत के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। (फोटो: Canva)
बिहार प्रशासनिक दृष्टि से 38 जिलों में विभाजित है। क्षेत्रफल के अनुसार यह भारत का बारहवां सबसे बड़ा राज्य है, जबकि जनसंख्या की दृष्टि से तीसरे स्थान पर आता है। इस प्रकार, बिहार भौगोलिक और जनसंख्या दोनों ही दृष्टियों से देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है। (फोटो: Canva)
बिहार मुख्यतः ग्रामीण आबादी वाला राज्य है, जहां अधिकांश लोग गांवों में निवास करते हैं। राज्य की लगभग 11.3 प्रतिशत जनसंख्या ही शहरी क्षेत्रों में रहती है। प्रशासनिक ढांचे में बिहार में 9 प्रमंडल, 101 अनुमंडल, 534 प्रखंड, 45130 गांव और 8471 पंचायतें शामिल हैं। (फोटो: Canva)
अब बात करते हैं बिहार के सबसे बड़े जिले की। यदि क्षेत्रफल के आधार पर देखा जाए तो पश्चिमी चंपारण राज्य का सबसे बड़ा जिला है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 5228 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां की जनसंख्या 39,35,042 थी। वहीं, यदि जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़े जिले की बात करें तो पटना शीर्ष पर है, जहां की जनसंख्या 58,38,465 (2011 जनगणना अनुसार) दर्ज की गई थी। (फोटो: Canva)
‘चंपारण’ नाम दो शब्दों — चंपा और अरण्य — से मिलकर बना है। संस्कृत में इसका अर्थ होता है “चंपा के फूलों से आच्छादित वन”। यह नाम जिले की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। (फोटो: Canva)
पश्चिमी चंपारण अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्त्व और कृषि उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इसकी जैव-विविधता को समृद्ध बनाता है, जबकि महात्मा गांधी के नील आंदोलन से इसका ऐतिहासिक संबंध है। गन्ने के प्रमुख उत्पादक जिले के रूप में भी यह प्रसिद्ध है। नेपाल की सीमा से सटा यह जिला बिहार का सबसे बड़ा भूभाग रखता है और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। (फोटो: Canva)