Solar Maximum: सौर अधिकतम एक ब्रह्मांडीय घटना है। जब सूर्य की गतिविधि अपने चरम पर होती है तो उसे हम सौर अधिकतम कहते हैं, लेकिन क्या हम अभी भी सौर अधिकतम में हैं या सौर अधिकतम का समय गुजर चुका है? लगातार धधक रहे सूर्य में सौर अधिकतम के समय सौर धब्बों (sunspots) की संख्या सबसे अधिक होती है। यह सूर्य की चुंबकीय गतिविधि का उच्चतम स्तर होता है। इस दौरान सौर ज्वालाएं, जिन्हें हम सोलर फ्लेयर भी कहते हैं, और कोरोनल मास इंजेक्शन (CMEs) जैसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।
तो इस वजह से दिखती है ऑरोरा
सोलर फ्लेयर और सीएमई जैसी घटनाएं सौर हवा को तेज करती हैं, जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं जिसकी वजह से सैटेलाइट, बिजली ग्रिड, नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हो सकता है। साथ ही हमें ऑरोरा देखने का मौका भी मिलता है। लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर अधिकतम की घटना को हम नग्न आंखों से नहीं देख सकते हैं, लेकिन सूर्य अधिक गतिशील है। सनस्पॉट, सोलर फ्लेयर और सीएमई की घटनाएं अस्थिर हैं और यह 11 साल के सौर चक्र के दौरान बढ़ती और घटती रहती हैं।
सौर अधिकतम के बाद सूर्य की गतिविधि धीरे-धीरे कम होती है, जो 'सौर न्यूनतम' (Solar Minimum) की ओर ले जाती है। सौर न्यूनतम के दौरान महीनों तक एक भी सनस्पॉट नहीं होता है। बकौल रिपोर्ट, खगोलविद लगातार सूर्य की हरकतों पर बारीकी से अध्ययन करते हैं। दिसंबर 2019 से हम सौर चक्र 25 में हैं। सौर चक्र आमतौर पर 11 सालों का होता है।
सौर अधिकतम की खास बातें
सौर अधिकतम के दौरान सनस्पॉट की संख्या बढ़ जाती हैं। ऐसी गतिविधियां हमें अपने सबसे नजदीकी तारे के बारे में जानने का मौका देती हैं, लेकिन इसका असर पृथ्वी सहित पूरे सौरमंडल पर दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सौर अधिकतम जुलाई में अपने चरम पर हो सकता है। अब तक के सबसे ज्यादा सनस्पॉट वाला महीना अगस्त 2024 का रहा। इस दौरान कुल 216 सनस्पॉट थे। इसके बाद सितंबर 2024 और मार्च 2025 के बीच 136 से 166 तक सनस्पॉट रहे हैं।
नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, पिछले 8 माह से सूर्य पर गतिविधि लगातार बढ़ रही है। सौर चक्र 25 को लेकर जारी पूर्वानुमान में कहा कि यह चक्र पिछले चक्र के समान ही प्रबल होगा। जुलाई 2025 में सौर अधिकतम होने की उम्मीद है। इस दौरान 115 सनस्पॉट हो सकते हैं। एनओएए के अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान केंद्र के विज्ञानी डग बिसेकर ने कहा कि सौर गतिविधि कितनी तेजी से बढ़ती है यह इस बात का संकेतक है कि सौर चक्र कितना मजबूत होगा।
